सड़क नर्मिाण की डिजायन व गुणवत्ता जांच के लिए बहाल होंगे अथॉरिटी इंजीनियर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Dec 2015 6:25 PM

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सड़क निर्माण की डिजायन व गुणवत्ता जांच के लिए बहाल होंगे अथॉरिटी इंजीनियरजनवरी तक अथॉरिटी इंजीनियर का होगा चयनपटना-बक्सर फोर लेन सहित चार एनएच पर खर्च होंगे 50 करोड़संवाददाता,पटनाराज्य में नयी सड़क के निर्माण से पहले उसकी डिजायन की जांच होगी. डिजायन अनुकूल हुई, तो उसके अनुसार सड़क निर्माण होगा. सड़क निर्माण के बाद उसकी […]

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सड़क निर्माण की डिजायन व गुणवत्ता जांच के लिए बहाल होंगे अथॉरिटी इंजीनियरजनवरी तक अथॉरिटी इंजीनियर का होगा चयनपटना-बक्सर फोर लेन सहित चार एनएच पर खर्च होंगे 50 करोड़संवाददाता,पटनाराज्य में नयी सड़क के निर्माण से पहले उसकी डिजायन की जांच होगी. डिजायन अनुकूल हुई, तो उसके अनुसार सड़क निर्माण होगा. सड़क निर्माण के बाद उसकी गुणवत्ता की भी जांच होगी. सड़क निर्माण होने से पहले तैयार डिजायन व गुणवत्ता की जांच के लिए अथॉरिटी इंजीनियर बहाल होंगे. राज्य में दो फोर लेन के अलावा तीन एनएच के लिए अलग-अलग अथॉरिटी इंजीनियर बहाल करने की प्रक्रिया चल रही है. अगले साल जनवरी तक अथॉरिटी इंजीनियर बहाल होंगे. बहाल किये जानेवाले अथॉरिटी इंजीनियर पर एनएचएआइ लगभग 50 करोड़ खर्च करेगी. एनएचएआइ ने अथॉरिटी इंजीनियर बहाल करने के लिए कंसल्टेंट सर्विसेज से सहयोग लेने की प्रक्रिया शुरू की है. दो फोर लेन सहित तीन एनएच का हो रहा निर्माणराज्य में 357 किलोमीटर नयी सड़क का निर्माण होना है. इसमें पटना-बक्सर फोर लेन व फारबिसगंज -जाेगबनी फोर लेन के अलावा तीन एनएच शामिल हैं. पटना-बक्सर के बीच 125 किलोमीटर नया फाेर लेन बनना है. जबकि जोगबनी से फारबिसगंज तक नौ किलोमीटर फोर लेन का निर्माण होना है. इसके अलावा बिहारशरीफ-बरबीघा-मोकामा, छपरा-गोपालगंज, छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर एनएच का चौड़ीकरण के होना है. तीनों एनएच की लंबाई 223 किलोमीटर है. फोर लेन सहित एनएच के निर्माण के लिए काॅन्ट्रैक्टर का चयन कर लिया गया है. कॉन्ट्रैक्टर द्वारा सड़क निर्माण की डिजयान तैयार कर ली गयी है. कॉन्ट्रैक्टर द्वारा तैयार डिजायन की अथॉरिटी इंजीनियर जांच करेंगे. जांच में अनुकूल पाये जाने के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होगा. अथॉरिटी इंजीनियर पर खर्च होंगे 50 करोड़सड़क निर्माण की डिजायन व उसकी गुणवत्ता की जांच के लिए बहाल अथॉरिटी इंजीनियर पर लगभग 50 करोड़ खर्च होना है. सड़क निर्माण के बाद उसके मेंटेनेंस पीरियड तक अथॉरिटी इंजीनियर को गुणवत्ता की जांच करनी होगी. मेंटेनेंस पीरियड तक किसी तरह की गड़बड़ी होने पर कॉन्ट्रैक्टर के साथ-साथ अथाॅरिटी इंजीनियर भी जिम्मेवार होंगे. एनएचएआइ के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि नयी सड़क के निर्माण में उसके डिजायन व गुणवत्ता की जांच की जाती है. इसके लिए अथॉरिटी इंजीनियर बहाल होते हैं. अथाॅरिटी इंजीनियर यह जांच करता है कि सड़क निर्माण के लिए तैयार डिजायन के अनुसार काम हो रहा है या नहीं. सूत्र ने बताया कि सड़क निर्माण में होनेवाले कॉस्ट का एक फीसदी अथॉरिटी इंजीनियर पर खर्च होता है. इसके लिए एनएचएआइ कंसलटेंट सर्विसेज से सहयोग लेती है. राज्य में पटना-बक्सर व फारबिसगंज-जोगबनी फोर लेन के अलावा तीन एनएच का निर्माण होना है.

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