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सीयूएसबी परिवार ने ली मानवाधिकार संरक्षण की शपथ

Updated at : 10 Dec 2025 5:47 PM (IST)
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सीयूएसबी परिवार ने ली मानवाधिकार संरक्षण की शपथ

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित

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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित वरीय संवाददाता, गया जी. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस (एसएलजी) ने चाणक्य भवन के द्वार पर मानवाधिकार शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में इस वर्ष की वैश्विक थीम “ह्यूमन राइट्स, आवर एवरीडे एसेंशियल्स” (मानवाधिकार, हमारी दैनिक आवश्यकताएं) पर आयोजित कार्यक्रम में एसएलजी के साथ विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, अधिकारी व विद्यार्थी शामिल हुए. प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में शामिल होकर सशक्त संदेश दिया कि मानवाधिकार कोई सैद्धांतिक अवधारणा नहीं, बल्कि हमारे दैनिक जीवन की मूलभूत नींव है. कुलपति ने इस वर्ष की थीम की प्रासंगिकता रेखांकित करते हुए कहा कि मानवाधिकार एक न्यायपूर्ण समाज के लिए अनिवार्य है. इन्हें जागरूकता तथा सामूहिक उत्तरदायित्व के माध्यम से संरक्षित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा से लोकतंत्र मजबूत होता है और समावेशी विकास सुनिश्चित होता है. इस वर्ष की थीम यह स्पष्ट करता है कि मानवाधिकार न तो विशेषाधिकार है और न ही दूर की आकांक्षाएं, बल्कि ऐसे आवश्यक तत्व है, जो सम्मान, आशा, समानता और मानवता की रक्षा करता है. कुलपति ने कहा कि यही अधिकार व्यक्तियों को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने, गरिमा व सम्मान के साथ जीवन जीने तथा निर्भय होकर अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बनाता है. मानवाधिकार मुद्दों पर निरंतर संवाद जरूरी जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह की अगुवाई में प्रतिभागियों ने हिंदी में मानवाधिकार शपथ ग्रहण कर अपने समुदायों तथा पेशेवर क्षेत्रों में मानवाधिकारों को बनाये रखने, सम्मान देने और उनकी रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहरायी. समारोह का समन्वय एसएलजी के अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो अशोक कुमार के नेतृत्व में किया गया. उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और भावी विधि व्यवसायियों के बीच मानवाधिकार मुद्दों पर निरंतर संवाद और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया. यह आयोजन शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों को एक साथ लाने में सफल रहा तथा समाज में मानवाधिकारों की सार्वभौमिकता और सबके लिए इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में नयी जागरूकता, उत्तरदायित्व और सामूहिक संकल्प का प्रेरक बना.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KANCHAN KR SINHA

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