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गया से गिरफ्तार सीआइएसएफ हेड कॉन्स्टेबल ने दो घंटे में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Updated at : 27 Feb 2026 11:18 PM (IST)
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गया से गिरफ्तार सीआइएसएफ हेड कॉन्स्टेबल ने दो घंटे में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गया एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआइएसएफ के 56 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार सिंह की हरियाणा पुलिस की कस्टडी में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है.

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गया जी. गया एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआइएसएफ के 56 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार सिंह की हरियाणा पुलिस की कस्टडी में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. गिरफ्तारी के महज दो घंटे के भीतर हुई इस मौत ने पुलिसिया कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. मृतक के परिजनों ने इसे सीधे तौर पर हत्या करार देते हुए मगध मेडिकल थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. मृतक मूल रूप से वैशाली जिले के जन्दाहा थाना अंतर्गत मुकुंदपुर-गोविंदपुर (पोस्ट कादिलपुर) के निवासी थे.

गिरफ्तारी से मौत तक का घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, हरियाणा में दर्ज धोखाधड़ी और एक महिला से जुड़े मामले में हरियाणा पुलिस गुरुवार रात करीब आठ बजे गया एयरपोर्ट स्थित सीआइएसएफ बैरक पहुंची थी. वहां से पुलिस ने मुकेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया और अपने साथ हरियाणा के लिए निकल गयी. लेकिन, शेरघाटी जीटी रोड से गुजरते समय रात करीब 10 बजे पुलिस उन्हें लेकर शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हरियाणा पुलिस का दावा है कि रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी थी. मौत की पुष्टि होते ही हरियाणा पुलिस के अधिकारियों ने अपने वरिष्ठों से बात की और शव को लेकर वापस गया जी शहर लौट आये.

प्रशासन में हड़कंप, कस्टोडियल डेथ का प्रोटोकॉल लागू

पुलिस हिरासत में मौत (कस्टोडियल डेथ) की खबर मिलते ही गया जिला प्रशासन और सीआइएसएफ के आला अधिकारियों के कान खड़े हो गये. एसएसपी सुशील कुमार और सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने मामले में तत्काल और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश दिये. सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती और सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट नरेश जोशी ने मगध मेडिकल थाना पहुंचकर छानबीन की. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने का आदेश दिया. सदर एसडीओ अनिल कुमार रमन ने नगर अंचलाधिकारी ऋषिकेश कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी है. प्रशासन अब इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजने की तैयारी में जुट गया है.

परिजनों का सीधा आरोप- पुलिस ने जान ली, सीआइएसफ अधिकारियों ने साथ दिया

मृतक के बेटे दुर्गेश कुमार और नीलेश कुमार ने हरियाणा पुलिस पर हत्या का संगीन आरोप लगाया है. शुक्रवार दोपहर मगध मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दोनों बेटों ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के किसी भी नियम का पालन नहीं किया. परिजनों को गिरफ्तारी की भनक तक नहीं लगने दी गयी. बेटों का आरोप है कि सीआइएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हरियाणा पुलिस की इस मनमानी में उनका पूरा साथ दिया. जब परिजनों को किसी अन्य माध्यम से गिरफ्तारी का पता चला, तो उनके वकील ने अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी. बेटों ने मगध मेडिकल थाने में तीन पन्नों का लिखित आवेदन देकर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और न्याय की गुहार लगायी है.

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PRANJAL PANDEY

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By PRANJAL PANDEY

PRANJAL PANDEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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