IIM बोधगया में 'लक्ष्य 1.0' का आगाज, प्लेसमेंट सत्र 2026-27 से पहले छात्रों को मिले कॉर्पोरेट टिप्स

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आइआइएम बोधगया में 'लक्ष्य 1.0' कार्यक्रम में शामिल कॉर्पोरेट विशेषज्ञ | Prabhat Khabar Network

आइआइएम बोधगया में 'लक्ष्य 1.0' कार्यक्रम में शामिल कॉर्पोरेट विशेषज्ञ | Prabhat Khabar Network

IIM Bodh Gaya News : आईआईएम बोधगया ने 'लक्ष्य 1.0' कॉर्पोरेट लीडरशिप कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया, जो संस्थान के अंतिम प्लेसमेंट सत्र 2026-27 की शुरुआत का प्रतीक है. इस कार्यक्रम ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया, जहाँ विशेषज्ञों ने एमबीए प्रतिभाओं से अपेक्षित कौशल पर चर्चा की.

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IIM Bodh Gaya Ji News : आईआईएम बोधगया ने अपने पहले कॉर्पोरेट लीडरशिप कॉन्क्लेव 'लक्ष्य 1.0' का सफल आयोजन किया. इसके साथ ही संस्थान में अंतिम प्लेसमेंट सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हुई. उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में कॉर्पोरेट जगत के वरिष्ठ अधिकारी, संस्थान के शिक्षक और छात्रों ने भाग लिया.

इस दौरान नेतृत्व, उद्योग की बदलती जरूरतों और प्रबंधन के क्षेत्र में भविष्य के अवसरों पर चर्चा हुई. यह पहल छात्रों को बदलते कारोबारी माहौल के लिए तैयार करने और उद्योग जगत के साथ मजबूत संबंध बनाने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. 'कैंपस टू कॉर्पोरेट | इग्नाइटिंग विजन, शेपिंग लीडर्स' थीम पर आयोजित 'लक्ष्य 1.0' की परिकल्पना आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय के मार्गदर्शन में की गई.

इसका उद्देश्य उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा कॉर्पोरेट जगत व भावी प्रबंधकों के बीच सार्थक संवाद का मंच तैयार करना है. इस पहल का नेतृत्व करियर डेवलपमेंट सेल की अध्यक्ष प्रो. दीपिका गुप्ता ने किया.

उन्होंने इसे केवल प्लेसमेंट तक सीमित न रखकर इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट, अतिथि व्याख्यान, नेतृत्व संवाद और दीर्घकालिक कॉर्पोरेट साझेदारी जैसे अवसरों से भी जोड़ा. 'लक्ष्य 1.0' के माध्यम से आईआईएम बोधगया ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच लंबे समय तक सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने बताई एमबीए टैलेंट की जरूरतें

कार्यक्रम में दो विशेष नेतृत्व पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं. पहली चर्चा 'फ्रॉम क्लासरूम टू कंसल्टिंग : व्हाट द बेस्ट फर्म्स लुक फॉर इन एमबीए टैलेंट' विषय पर हुई, जिसका संचालन प्रो. रमिजुर रहमान ने किया.

इसमें ओरेकल कॉर्पोरेशन के सीनियर डायरेक्टर (ग्लोबल प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी) सेतु शाह, कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के डायरेक्टर (सेंट्रल ऑपरेशंस) जयदीप आनंद देशपांडे, हेक्सागन आरएंडडी India की डायरेक्टर (ह्यूमन रिसोर्सेज) कृपाली रावल, कैपिटल वन के इंडिया हेड (टैलेंट एक्विजिशन) परमवीर सिंह नारंग और एक्सेस हेल्थकेयर के एचआर हेड देबाशीष घोष शामिल हुए. विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में कंपनियां प्रबंधन छात्रों में विश्लेषण क्षमता, प्रभावी संवाद, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता और समस्या समाधान जैसे गुणों को सबसे अधिक महत्व देती हैं.

चुनियों को नए अवसर के रूप में देखने की सलाह

दूसरी पैनल चर्चा 'नेविगेटिंग करियर इन ए चेंजिंग वर्ल्ड : हाउ जियोपॉलिटिकल शिफ्ट्स आर रीशेपिंग ग्लोबल बिजनेस एंड एमबीए अपॉर्चुनिटीज' विषय पर हुई. इसका संचालन प्रो. मधुमिता दास ने किया.

चर्चा में केरनी के ग्लोबल नॉलेज डायरेक्टर महावीर सिंह बिष्ट, डेसिमल पॉइंट एनालिटिक्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) प्रवास कुमार साहू, सेंट्रिसिटी वेल्थटेक की टैलेंट एक्विजिशन एवं एचआर बिजनेस पार्टनर रश्मि एस. कश्यप, कॉमविवा टेक्नोलॉजीज की सीनियर मैनेजर (एचआर) आयाना तथा हेलियन के टैलेंट एक्विजिशन लीड क्षितिज मेहता शामिल हुए.

वक्ताओं ने वैश्विक राजनीति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और बदलती वैश्विक सप्लाई चेन का कारोबार और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि बदलते समय में नई तकनीक सीखना, अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने की क्षमता विकसित करना, प्रभावी संवाद और समस्या समाधान जैसे कौशल बेहद जरूरी हैं. साथ ही, भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए छात्रों को चुनौतियों को नए अवसर के रूप में देखने की सलाह दी.

परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और सीखते रहने का संदेश

कार्यक्रम में अल्वारेज एंड मार्सल ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के डायरेक्टर एवं हेड ऑफ एचआर एंड टैलेंट कुणाल चौधरी ने विशेष लीडरशिप टॉक दी. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को बदलते कॉर्पोरेट माहौल में सफल होने के लिए लगातार सीखते रहने, नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व विकसित करने की सलाह दी.

उन्होंने कहा कि करियर को केवल नौकरी नहीं, बल्कि लगातार सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा के रूप में देखना चाहिए. 'लक्ष्य 1.0' आईआईएम बोधगया की उद्योग जगत के साथ दीर्घकालिक सहभागिता की एक नई शुरुआत है.

इस पहल के माध्यम से संस्थान ने उद्योग जगत, शिक्षाविदों और भावी प्रबंधकों के बीच सार्थक संवाद का मंच तैयार किया है. इससे भविष्य में प्लेसमेंट, इंटर्नशिप, व्यावहारिक शिक्षा, शोध सहयोग और नेतृत्व विकास के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा.

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