मुंशी प्रेमचंद जयंती पर गया जी में विचार गोष्ठी, साहित्यकारों ने उनके सामाजिक दृष्टिकोण को किया याद

कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता | Prabhat Khabar Network
जनवादी लेखक संघ ने गया जी में उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई. इस अवसर पर 'आज के संदर्भ में प्रेमचंद की रचनाओं की प्रासंगिकता' विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने प्रेमचंद के युगद्रष्टा स्वरूप और आम आदमी की पीड़ा के चित्रण को याद किया.
Gaya Ji News : जनवादी लेखक संघ के तत्वावधान में रविवार को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ कार्यालय प्रांगण में उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में 'आज के संदर्भ में प्रेमचंद की रचनाओं की प्रासंगिकता' विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उदय नारायण शर्मा व संचालन संघ के सचिव कृष्ण चंद्र चौधरी ने किया.
मुख्य अतिथि और वक्ताओं की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आनंद कुमार सिंह थे, जबकि मुख्य वक्ता केंद्रीय विद्यालय संख्या दो के शिक्षक वीरेन्द्र कुमार उपस्थित थे.
प्रेमचंद की रचनाओं और समाज पर वक्ताओं के विचार
वक्ताओं ने बताया कि प्रेमचंद एक युगद्रष्टा थे. वे अपने समय और समाज की समस्याओं को गहरी नज़र से देख रहे थे. आम आदमी की वेदना का सही चित्रण उनके द्वारा किया गया है. उनकी रचनाओं में आम आदमी की जिंदगी सांस लेती है.
गोष्ठी में शामिल अन्य वक्ता और साहित्यकार
गोष्ठी को इनके अलावा पारस नाथ सिंह, अरविन्द कुमार सिन्हा, डॉ. वीरेंद्र कुमार, पीसी प्रियदर्शी, प्रो. दीपक कुमार, उदय यादव, कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, पूजा प्रियदर्शी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में दर्जनों की संख्या में साहित्यकार व बुद्धिजीवी मौजूद थे.
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