गया जी के दिगंबर जैन मंदिर से निकली भव्य शोभा यात्रा, सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल

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फोटो- गया- शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

शोभा यात्रा में शामिल श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network

Gaya Ji News : गया जी में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर जैन मंदिर से शोभा यात्रा निकाली गई और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं. आर्यिका अंतरमति माताजी ने चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डाला.

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Gaya Ji News : सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में रविवार को गया जी शहर के रमना रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ. इस मौके पर जैन मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई.

शोभा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए वापस जैन मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई. परम पूज्य आचार्य विद्यासागर जी एवं आचार्य श्री समय सागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या 105 श्री आर्यिका अंतरमति माताजी ससंघ, आर्यिका श्री 105 अनुग्रहमति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 स्वाध्याय मति माताजी के मंगल सानिध्य में धर्मामृत पावन वर्षा योग-2026 और चातुर्मास का भव्य आगाज हुआ.

विधि-विधान से मंगल कलश की स्थापना और ध्वजारोहण

भव्य अनुष्ठान और शोभा यात्रा जैन परंपरानुसार शुरू हुई. पांच सौभाग्यशाली महिलाओं द्वारा कलश पूजन, मंगलाष्टक, दिगबंधन, अभिषेक, शांतिधारा पाठ, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट के बाद श्रीफल अर्पित कर मंगल कलश की स्थापना की गई.

आर्यिका 105 अंतरमती माता जी के मंत्रोच्चारण से पवित्र जल द्वारा विनायक यंत्र का महाअभिषेक कराया गया. मंदिर शिखर पर णमोकार मंत्र के दिव्य घोष के बीच ध्वजारोहण का सौभाग्य अभय कुमार जैन, रितेश जैन और पियूष काला को प्राप्त हुआ.

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मनमोहक नृत्य

दोपहर बाद चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य आगाज मंगलाचरण नृत्य के साथ हुआ. समाज के छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं द्वारा जैन संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं. महिलाओं ने बिहार के महापर्व छठ, असम के बिहू, राजस्थानी, बंगाली, मराठी और दक्षिण भारतीय वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं.

आर्यिका जी की मंगलदेशना और उपस्थित गणमान्य लोग

माताजी की मंगलदेशना (अमृत वाणी) मंगल कलश स्थापना के बाद आर्यिका 105 अंतरमती माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास जैनियों के लिए पुण्यार्चन का सबसे उपयुक्त समय है. उन्होंने त्याग, संयम, और अहिंसा के सिद्धांतों का पालन करने पर बल देते हुए कहा कि आत्म-शुद्धि, नैतिक मूल्यों के विकास और मानसिक शांति के लिए आत्म-मनन आवश्यक है.

आर्यिका जी ससंघ गया जी में चार महीने के चातुर्मास प्रवास के दौरान जैन श्रद्धालुओं को धर्म की जानकारी देंगी. समारोह में जैन समाज के अध्यक्ष नरेंद्र सेठी, उपाध्यक्ष विजय काशलीवाल, मंत्री मधुकांत काला, सह मंत्री अमित अजमेरा (विक्की), कोषाध्यक्ष राजेश विनायका, महिला अध्यक्षा मंजू सेठी, उपाध्यक्ष चमेली गंगवाल, मंत्री माला कला, संतोषी गंगवाल, कोषाध्यक्ष वीणा रारा, टिंकू सेठी सहित काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे. यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी मुन्ना सरकार व अर्पित पाटनी ने दी.

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Niraj Kumar

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