निगम के रिक्शों पर दम तोड़ने लगा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन

Published at :08 Apr 2017 8:40 AM (IST)
विज्ञापन
निगम के रिक्शों पर दम तोड़ने लगा डोर टू डोर कचरा कलेक्शन

गया: नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन योजना सफल होती नहीं दिख रही है. कहीं शुरू भी किया गया, तो एक दो दिन तक ही चला. गौरतलब है कि पूरे शहर में इस योजना काे चलाने के लिए निगम ने 300 रिक्शे खरीदे. लेकिन, मजदूरों की कमी से रिक्शे बेकार पड़े हैं. कुछेक वार्डों […]

विज्ञापन
गया: नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन योजना सफल होती नहीं दिख रही है. कहीं शुरू भी किया गया, तो एक दो दिन तक ही चला. गौरतलब है कि पूरे शहर में इस योजना काे चलाने के लिए निगम ने 300 रिक्शे खरीदे. लेकिन, मजदूरों की कमी से रिक्शे बेकार पड़े हैं. कुछेक वार्डों को छोड़ कहीं भी रिक्शे से कचरा कलेक्शन शुरू नहीं किया जा सका है. योजना की शुरुआत में मेयर ने साफ कहा था कि सरकार की सहायता के बिना इसे सफल नहीं बनाया जा सकता है. इधर कचरा प्रबंधन का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने की तैयारी भी जोर-शोर से चल रही है.
क्या कहना है वार्ड पार्षदों का: वार्ड नंबर 49 की पार्षद प्रमीला देवी पटवा ने कहा कि यह योजना बिना गोली के बंदूक थमा देने वाली जैसी है. इस वार्ड में 20 रिक्शों की जरूरत है, पर यहां महज दो उपलब्ध कराये गये हैं. इसके बाद इसमें लेबर तक नहीं दिया गया. वार्ड 28 की पार्षद अनिता देवी ने कहा कि रिक्शे वार्ड में भेजे गये हैं. लेबर के कारण अब तक इस योजना को शुरू नहीं किया जा सका है. इससे पहले की व्यवस्था अच्छी थी. वार्ड नंबर 31 की पार्षद संगीता मणि ने कहा कि लेबर नहीं दिये जाने के कारण दो दिन बाद काम बंद कर दिया गया. लेबर के बिना यह योजना दोबारा शुरू करना संभव नहीं है. वार्ड नंबर 23 के पार्षद खतीब अहमद ने कहा कि वार्ड में दो रिक्शे भेजे गये हैं. इससे पूरे वार्ड में कचरा कलेक्शन संभव नहीं हो पा रहा है.
पहले क्या कहा था मेयर ने: योजना शुरू होने के दो दिनों के बाद ही मेयर ने कहा था कि टेंपो के माध्यम से कचरा कलेक्शन की शुरुआत की गयी, पर हर जगह इसे संभव होता न देख रिक्शे खरीदे गये है. 300 रिक्शाें से कचरा कलेक्शन के लिए 600 लेबर की जरूरत होगी. इनके वेतन को लेकर निगम पर लगभग 46.80 लाख रुपये का भार हर माह आयेगा. वर्तमान स्थिति में निगम यह खर्च वहन करने में सक्षम नहीं है. राज्य सरकार अपने स्तर पर 600 लेबर बहाल करे या फिर इसके लिए अलग से फंड उपलब्ध कराये.
क्या कहना है मेयर का
कुछ वार्डों को छोड़ कर अन्य सभी में डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए रिक्शे दे दिये गये हैं. तत्काल रिक्शे से कचरा कलेक्शन का काम टेंपों पर तैनात सफाई मजदूरों से कराया जा रहा है. इस योजना को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अतिरिक्त सफाई मजदूर हर वार्ड में देने होंगे. रिक्शे से हर गली से कचरा कलेक्शन संभव हो रहा है. वार्डों से शिकायत मिल रही है कि लेबर बढ़ाये बिना इस योजना को सफल नहीं बनाया जा सकता है. इस पर विचार किया जा रहा है.
सोनी कुमारी, मेयर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन