राज्य में अवैध बूचड़खाने खुले कैसे : कृष्ण कुमार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Mar 2017 4:58 AM (IST)
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गया : भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह ने राज्य के पशुपालन सह मत्स्यपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार राज्य के अवैध बूचड़खाने को बंद करेगी. उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया है कि राज्य में आखिरी अवैध बूचड़खाने […]
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गया : भाजपा के वरिष्ठ नेता व विधान पार्षद कृष्ण कुमार सिंह ने राज्य के पशुपालन सह मत्स्यपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार राज्य के अवैध बूचड़खाने को बंद करेगी. उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया है कि राज्य में आखिरी अवैध बूचड़खाने खुले कैसे.
कृष्ण कुमार सिंह ने एक बयान जारी कर कहा कि मंत्री अपने ही सरकार से पूछ रहे हैं कि आखिरी अवैध बूचड़खाने राज्य में क्यों खुले. क्या राज्य सरकार काे मालूम नहीं है कि अवैध बूचड़खाने कैसे खुले. उन्होंने अपने बयान में सीधे पर तो नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर बिहार में अवैध कसाईखाने के लिए राज्य राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
दूध उत्पादन में आयी गिरावट : उन्होंने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अवैध बूचड़खाने काे बंद कर रही है. यह बात समझ में आ रही है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में दूसरी पार्टी की सरकार थी. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि मवेशियों की संख्या घटी है. इससे बिहार में दूध उत्पादन कम हाे गया है.
उन्हाेंने कहा कि मौजूदा समय में दूध का उत्पादन घट कर वर्ष 2012-13 के बराबर आ गया है लेकिन मांस का उत्पादन 2012-13 के बराबर ही है. राज्य सरकार बताये कि इतने दिनों तक वह क्या कर रही थी. सिंह ने कहा कि दूध उत्पादन घटने से बिहार की आमदनी में भी गिरावट आयी है. उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी आर्थिक मजबूती के लिए बकरी पालने को करते थे. बापू खुद बकरी के दूध का सेवन भी करते थे.
पशुपालन व कृषि के लिए मिले विशेष सुविधा : उन्होंने कहा कि सरकार काे कृषि व पशुपालन के लिए विशेष सुविधा मुहैया करानी चाहिए. राज्य सरकार बजट काे केवल आंकड़ाें में उलझाये रखना चाहती है.
हर साल बजट में आवंटित रुपये खर्च नहीं किये जाते व अगले बजट में आैर अधिक रुपये आवंटित कर दिये जाते हैं, ताकि आमलाेगाें में मैसेज जाय कि बजट का पैसा बढ़ाया गया है. यह राज्य सरकार की अकर्मण्यता है.
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