क्या इंट्री माफियाओं पर लग पायेगा अंकुश ?
क्या इंट्री माफियाओं पर लग पायेगा अंकुश ?वेलकम-2016 फोटो-ओवरलोडेड ट्रक को पार करा कर इंट्री माफिया हर माह सरकार को लगा रहे करोड़ों रुपये का चूना वरीय संवाददाता, गयाजीटी रोड (नेशनल हाइवे-टू) पर डोभी-सूर्यमंडल समेकित जांच चौकी से इंट्री माफियाओं द्वारा अवैध रूप से ओवरलोडेड ट्रकों को पार कराने पर अंकुश लगाने में सरकार अब […]
क्या इंट्री माफियाओं पर लग पायेगा अंकुश ?वेलकम-2016 फोटो-ओवरलोडेड ट्रक को पार करा कर इंट्री माफिया हर माह सरकार को लगा रहे करोड़ों रुपये का चूना वरीय संवाददाता, गयाजीटी रोड (नेशनल हाइवे-टू) पर डोभी-सूर्यमंडल समेकित जांच चौकी से इंट्री माफियाओं द्वारा अवैध रूप से ओवरलोडेड ट्रकों को पार कराने पर अंकुश लगाने में सरकार अब तक विफल ही रही है. चेक पोस्ट से अवैध रूप से ओवरलोडेड ट्रक को पार करा कर इंट्री माफियाओं द्वारा प्रतिमाह करोड़ों रुपयों के सरकारी राजस्व की हेरा-फेरी की जा रही है. लेकिन, न जाने किन कारणों से सरकार इतने बड़े पैमाने पर हो रही राजस्व की हेरा-फेरी पर चुप्पी साधे है. 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में लगे अधिकारी शालीन अपने कैडर बिहार लौटे, तो सरकार ने उन्हें मगध डीआइजी के पद पर तैनात किया. सात मई, 2015 को उन्होंने गया में ज्वाइन किया और तत्काल इंट्री माफियाओं पर कार्रवाई शुरू कर दी. इंट्री माफिया के रूप में राजू खान व बाबर खान जैसे कई शातिरों धंधेबाजों की पहचान कर उनके विरुद्ध डोभी व आमस थानों में एफआइआर दर्ज करायी गयी. राजू खान की संपत्ति को कुर्क भी किया गया, लेकिन, डीआइजी की इस कार्रवाई से राज्य सरकार हिल गयी और आनन-फानन में 22 जून को उनका तबादला पटना सेंट्रल डीआइजी के पद कर दिया गया. सिर्फ 44 दिनों में मगध डीआइजी के तबादले का मामला काफी तूल पकड़ा था. शालीन के बाद मगध डीआइजी के रूप में ज्वाइन किये आइपीएस रत्न संजय ने भी इंट्री माफियाओं पर कई बार कार्रवाई की. लेकिन, 2015 में सरकार इंट्री माफियाओं पर कार्रवाई करने में अक्षम साबित हुई. शेरघाटी विधायक ने विधानसभा में उठाया था मामलाशेरघाटी विधायक सह पूर्व मंत्री डॉ विनोद प्रसाद यादव ने प्रभात खबर को बताया कि गत आठ दिसंबर को उन्होंने विधानसभा में डोभी-सूर्यमंडल चेकपोस्ट पर चल रहे इंट्री के खेल से जुड़ी बातों में उठाया था. उन्होंने सरकार से प्रश्न किया था कि सूर्यमंडल चेकपोस्ट पर परिवहन, पुलिस व वाणिज्य कर सहित अन्य विभागों से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत से इंट्री माफियों की चांदी कट रही है. साथ ही, इससे जुड़े लोग करोड़पति बनते जा रहे हैं. सरकार को राजस्व की हानि हो रही है. उन्होंने कहा था कि आमस, डोभी, शेरघाटी व बाराचट्टी थानों में इंट्री माफियाओं पर एफआइआर दर्ज करायी गयी है. ऐसे लोगों की संपत्ति की जांच आर्थिक अपराध इकाई से करायी जाये और अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त कर लिया जाय. विधायक ने बताया कि इंट्री माफियाओं के विरुद्ध उनका अभियान जारी रहेगा.
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