मत्स्यपालन के लिए जलाशयाें की बंदाेबस्ती महज 43 फीसदी

Published at :23 Feb 2018 4:22 AM (IST)
विज्ञापन
मत्स्यपालन के लिए जलाशयाें की बंदाेबस्ती महज 43 फीसदी

गया : मगध में सरकारी 2518 जलाशय (तालाब) हैं जिनमें चालू सत्र में महज 1093 जलाशयाें की ही बंदाेबस्ती की जा सकी है, जाे मात्र 43.40 प्रतिशत है. इसका मुख्य कारण मगध में अधिकतर क्षेत्र का सूखाग्रस्त व नक्सल प्रभावित हाेना है. वित्तीय वर्ष पूरा हाेने में महज एक माह एक सप्ताह बाकी रह गया […]

विज्ञापन

गया : मगध में सरकारी 2518 जलाशय (तालाब) हैं जिनमें चालू सत्र में महज 1093 जलाशयाें की ही बंदाेबस्ती की जा सकी है, जाे मात्र 43.40 प्रतिशत है. इसका मुख्य कारण मगध में अधिकतर क्षेत्र का सूखाग्रस्त व नक्सल प्रभावित हाेना है. वित्तीय वर्ष पूरा हाेने में महज एक माह एक सप्ताह बाकी रह गया है. यूं कामकाज के लिए मत्स्य विभाग का सत्र एक जुलाई से 30 जून का हाेता है. मगध प्रमंडल के जिलाें में जलाशयाें की संख्या व बंदाेबस्ती के हिसाब से जहानाबाद सबसे आगे व अरवल की स्थिति सबसे पीछे है.

जलाशयाें की संख्या व बंदाेबस्ती के हिसाब से जहानाबाद सबसे आगे, अरवल की स्थिति सबसे खराब : सरकारी आंकड़े के अनुसार अभी गया जिले में 1057 जलाशय हैं, जिनमें चालू सत्र में 660 जलाशयाें की बंदाेबस्ती की जा सकी. इस प्रकार यहां 62.44 प्रतिशत ही बंदाेबस्ती हाे पायी. इसी तरह जहानाबाद में 357 जलाशयाें में 294 की बंदाेबस्ती हुई. जहानाबाद में 82.35 प्रतिशत बंदाेबस्ती हुई. अरवल जिले में 195 जलाशयाें में मात्र 74 जलाशयाें की बंदाेबस्ती हुई
जिसका प्रतिशत मात्र 37.94 रहा. आैरंगाबाद में 473 में 354 जलाशयाें की बंदाेबस्ती हुई जिसका प्रतिशत 75.89 रहा जबकि नवादा जिले में 436 जलाशयाें में महज 206 जलाशयाें की बंदाेबस्ती की जा सकी. नवादा में 47.24 प्रतिशत जलाशयाें की बंदाेबस्ती की जा सकी. चालू सत्र में मत्स्यपालन विभाग काे 44.25 लाख रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था जिसके एवज में अब तक 26 लाख रुपये राजस्व की वसूली हाे पायी है. मगध क्षेत्र में राजस्व वसूली में विभाग काे 58.75 प्रतिशत की उपलब्धि मिल पायी है. सत्र पूरा हाेने में महज एक माह एक सप्ताह ही बाकी रह गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन