अस्पताल में दर्द से तड़प रही थी मम्मी, पापा ने कहा- मर जाओ

Published at :05 Oct 2017 12:00 AM (IST)
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अस्पताल में दर्द से तड़प रही थी मम्मी, पापा ने कहा- मर जाओ

मानपुरः मानपुर के मुबारचक की रहने वाली किरण देवी की मौत के बाद उसकी बेटी ने जो मां के दर्द की कहानी सुनायी तो सभी हैरान रह गये. बेटी ने मां की मौत के बाद घर में हुई घटनाओं का जिक्र किया है. स्वर्गीय किरण की बड़ी बेटी सोनाली ने मीडिया को बताया कि कैसे […]

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मानपुरः मानपुर के मुबारचक की रहने वाली किरण देवी की मौत के बाद उसकी बेटी ने जो मां के दर्द की कहानी सुनायी तो सभी हैरान रह गये. बेटी ने मां की मौत के बाद घर में हुई घटनाओं का जिक्र किया है. स्वर्गीय किरण की बड़ी बेटी सोनाली ने मीडिया को बताया कि कैसे उसकी मां को यातनाएं दी गयीं. पिता ने चार बेटी होने का ताना देकर हमेशा मां को प्रताड़ित किया. पिटाई के बाद घायल मां (किरण देवी) जब अस्पताल में दर्द से कराह रही थी, तो पिता (संतोष सिंह) ने वहां भी जाकर गाली गलौज की और मर जाने को कहा. सोनाली ने बताया कि उसकी मां घरेलू हिंसा ही पीड़ित थी.

बेटा नहीं होने का ताना सुनना हर रोज की बात थी. उसने बताया कि पिता अक्सर शराब पीकर आते थे और मारपीट करते थे. 22 सितंबर की घटना का जिक्र करते हुए सोनाली ने बताया कि उस दिन भी उसके पिता संतोष सिंह शराब पीकर आये थे. आते के साथ उसकी मां के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी. बाद में उसकी पिटाई भी की. उसने नाना को इसकी जानकारी फोन पर दी. सोनाली ने बताया कि पिटाई करने के बाद उसके पापा ने नाना को फोन कर तबीयत खराब होने की सूचना दी.

उसने बताया कि पहले भी पापा पिटाई किया करते थे. घर में बुआ भी ताने दिया करती थीं. कई बार मां ने घर से बाहर भाग कर खुद को बचाया. स्कूल की फीस भी नहीं देते सोनाली ने बताया कि वह अपनी बहनों के साथ प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है. पापा ने कभी फीस नहीं दी. मां कुछ-कुछ पैसे बचा कर रखती थी, उसी से फीस भरे जाते थे. जब भी स्कूल की फीस मांगती तो बेटा नहीं होने का ताना सुनने को मिलता था.

सोनाली ने कहा कि वह चाहती है कि उसकी मां को न्याय मिले. उनके साथ जो जुल्म हुआ, उसकी सजा जुल्म करनेवालों को मिले. उसने बताया कि अभी चारों बहनें अपने मामा के घर में हैं. पिता ने एक बार भी फोन नहीं किया है. गुरुवार की देर शाम तक नहीं हुई थी एफआइआर घटना के नौ दिन बीत चुके हैं. अब तक मुफस्सिल थाने में एफआइआर दर्ज नहीं हुई है.

मृतक किरण देवी के भाई अजीत सिंह लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि वह जब भी एफआइआर कराने जा रहे हैं पुलिस अधिकार उन्हें भगा दे रहें है.बुधवार को अजीत सिंह व उनकी चारों भांजियों ने एसएसपी गरिमा मल्लिक के पास शिकायत दर्ज करायी. उन लोगों के मुताबिक एसएसपी ने मुफस्सिल थाने में एफआइआर करा दिये जाने की भी बात कही है. लेकिन, गुरुवार की देर शाम तक थाने में एफआइआर दर्ज नहीं हो सकी थी.

थानाध्यक्ष कमलेश शर्मा सेे शाम पौने सात बजे जब बात की गयी, तो उन्होंने किसी काम से बाहर होने का हवाला देते हुए कहा कि थाने में लौट कर एफआइआर करेंगे. क्या है पूरी घटना मुफसिल थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव निवासी अजीत कुमार सिंह ने वरीय पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में एक आवेदन दिया था.उन्होंने अपने अावेदन में कहा था कि उनकी बहन किरण देवी की शादी मोबारकचक गांव के जनार्दन सिंह के बेटे संतोष सिंह के साथ हुई थी. शादी के बाद उन दोनों को चार बेटियां हुईं.

संतोष लगातार किरण को प्रताड़ित करता था. बेटा नहीं होने की वजह से किरण का ससुराल में जीना मुश्किल हो गया था. अजीत सिंह ने कहा कि मारपीट को लेकर एक बार उन लोगों ने थाने में शिकायत भी दर्ज करायी थी. उसके बाद थाने के अधिकारियों ने गांव में लोगों के बीच दोनों परिवारों के बीच सुलह करा दिया था. हालांकि इसके बाद भी संतोष उनकी बहन के साथ मारपीट करता रहा. इसी क्रम में 22 सितंबर को उसने किरण को पीटा. गंभीर हालत में किरण को इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां 26 सितंबर को उसकी मौत हो गयी. अजीत सिंह ने इस मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है. एसएसपी को दिये गये आवेदन में उन्होंने कहा कि घटना के बाद जब वह शिकायत ले कर थाने में गये तो उनकी बात नहीं सुनी गयी और भगा दिया गया.

बेटी होने के लिए पूर्णरूप से पुरुष जिम्मेदार : डाॅक्टर जयश्री महिला को लगातार बेटी होने पर समाज में तरह-तरह की बातें सुनने मिलती हैं. पुरुष प्रधान यह समाज बेटी होने के लिए महिला को ही जिम्मेदार मानता है. इसी सोच में कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिसमें किरण देवी जैसी महिलाओं को घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है. यह सब कुछ जागरूकता की कमी का ही नतीजा है. मेडिकल टर्म में बात करें तो बेटी होने के पीछे कहीं से भी महिला जिम्मेदार नहीं होती है.

एक महिला के गर्भ में बेटी होगी या बेटा यह पूरी तरह से पुरुष के क्रोमोजोम पर निर्भर करता है. स्त्री राेग विशेषज्ञ डाॅ जयश्री ने इन चीजों को स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि किसी भी महिला के शरीर में केवल एक्स (x) क्रोमोजेाम ही होता है, जबकि पुरुष के शरीर में एक्स (x) अौर वाई (y) दोनों प्रकार के क्रोमोजोम होते हैं. महिला के गर्भ में जब एक्स और एक्स क्रोमोजोम मिलते हैं तो बेटी होती है और जब एक्स और वाई क्रोमोजेाम मिलते हैं तो बेटा होता है.इससे यह स्पष्ट है कि अगर किसी महिला को लगातार बेटी हो रही है, तो,उसके पति के शरीर में वाई (y) क्रोमोजोम की कमी है.

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