विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं और उद्योगों में बायोइंफॉर्मेटिक्स की काफी मांग

Updated at : 17 Jun 2024 10:40 PM (IST)
विज्ञापन
विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं और उद्योगों में बायोइंफॉर्मेटिक्स की काफी मांग

जैव सूचना विज्ञान (बायोइंफॉर्मेटिक्स) के क्षेत्र में करियर की संभावना विषय पर निदेशक प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा के निर्देशन में वेबिनार हुआ.

विज्ञापन

दरभंगा. डब्ल्यूआइटी में जैव सूचना विज्ञान (बायोइंफॉर्मेटिक्स) के क्षेत्र में करियर की संभावना विषय पर निदेशक प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा के निर्देशन में वेबिनार हुआ. मुख्य वक्ता सह केकेपीपी ग्लोबल विश्वविद्यालय गुजरात की बायोइंफॉर्मेटिक्स विशेषज्ञ डॉ पूनम मिश्रा ने छात्राओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिये विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. बायोइंफॉर्मेटिक्स के वर्तमान रुझान, आवश्यक कौशल और इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की. डॉ मिश्रा ने विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं और उद्योग में बायोइंफॉर्मेटिक्स के अनुप्रयोगों के उदाहरण प्रस्तुत की. कहा कि यह एक नया विषय है. इसकी उपयोगिता मनुष्य जानवर, पशु-पक्षी सहित पेड़-पौधों की लिए भी आवश्यक है. इस विषय के इंजीनियर की मांंग पूरी दुनिया में बढ़ गयी है. कहा कि आजकल कंप्यूटर इंजीनियर की संख्या बहुत अधिक हो गई है. उस अनुपात में रोजगार का सृजन नहीं हो रहा. बायोइनफार्मेटिक्स की पढ़ाई बहुत कम कॉलेजों में है. विश्वस्तर पर इसकी मांंग बहुत अधिक है. चिकित्सा अनुसंधान और नई दवाओं की खोज में बायोइंफॉर्मेटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका अध्यक्षता करते हुए गुजरात के प्राध्यापक डॉ गोपाल जी गोपाल ने बायोइंफॉर्मेटिक्स के महत्व और इसकी बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला. कहा कि जैव प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर विज्ञान का बायोइंफॉर्मेटिक्स संगम है. यह चिकित्सा अनुसंधान और नई दवाओं की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कहा कि बायोइंफॉर्मेटिक्स में बीटेक करने वाले छात्र कंप्यूटर के साथ जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित की जानकारी भी रखते हैं, इसलिए इनकी उपयोगिता अधिक होने के कारण मांंग अधिक है. इनकी सैलरी भी अधिक है. कहा कि आजकल भारत में भी बायोइंफॉर्मेटिक्स स्नातक की मांंग बढ़ गयी है. निकट भविष्य में और अधिक बढ़ने की संभावना है. इसके अतिरिक्त शिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भी काफी संभावना है. इस विषय के ज्ञाता अपना रोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं. इसके लिये भारत सरकार से भी सहायता प्राप्त किया जा सकता है. निदेशक प्रो. प्रेम मोहन मिश्र ने कहा कि डब्ल्यूआइटी में इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई इसी सत्र से शुरू हो रही है. इच्छुक छात्राएं नामांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकती है. वेबिनार में छात्राओं ने बायोइंफॉर्मेटिक्स में उभरती तकनीकों, विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स और डेटाबेस के उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की. धन्यवाद ज्ञापन छात्रा तान्या, स्वागत अनन्या एवं संचालन आशीष मिश्रा ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन