Darbhanga News: कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास का निरीक्षण के साथ लेखा की जानकारी ले सकेंगे कुमार कपिलेश्वर

Updated at : 20 Sep 2025 10:19 PM (IST)
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Darbhanga News: कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास का निरीक्षण के साथ लेखा की जानकारी ले सकेंगे कुमार कपिलेश्वर

Darbhanga News:कामेश्वर सिंह दरभंगा धार्मिक न्यास से संबंधित 47 वर्ष पुराने एक स्वत्व वाद में सिविल जज सीनियर डिविजन नवम कुमार रितेश की अदालत ने निर्णय सुनाया है.

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Darbhanga News: दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा धार्मिक न्यास से संबंधित 47 वर्ष पुराने एक स्वत्व वाद में सिविल जज सीनियर डिवीज़न नवम कुमार रितेश की अदालत ने निर्णय सुनाया है. दरभंगा राज के राजकुमार स्व. शुभेश्वर सिंह के पुत्र राजेश्वर सिंह और कपिलेश्वर सिंह ने महारानी अधिरानी काम सुंदरी देवी एवं अन्य के खिलाफ हकीयत वाद दर्ज कराया था. मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन नवम की अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि महारानी अधिरानी काम सुंदरी की मृत्यु के बाद कपिलेश्वर सिंह और राजेश्वर सिंह कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास के ट्रस्टी होंगे. दरभंगा राज परिवार के सदस्य और भविष्य के ट्रस्टी होने को लेकर, ट्रस्ट का निरीक्षण और लेखा प्राप्त करने के अधिकारी होंगे. वहीं महारानी अधिरानी काम सुंदरी देवी को निर्देशित किया गया है कि ट्रस्ट डीड में वर्णित तथ्यों के आलोक में वे अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहेंगे. यदि राजेश्वर सिंह और कपिलेश्वर सिंह को लगे, कि ट्रस्ट में कू- प्रबंधन हो रहा है, तो वे इस अदालत में विविध वाद अर्पित कर राहत की मांग कर सकते हैं.

बिना कोर्ट से आदेश लिये जमीन एवं जेवरात नहीं बेच सकेगा मैनेजर

अदालत ने महारानी अधिरानी काम सुंदरी देवी को निर्देशित किया है कि मंदिर के पुजारी का भुगतान, राजभोग करने समय उत्सव आदि कार्य करायेंगे. वहीं ट्रस्टी द्वारा मैनेजर को दिये गये पावर ऑफ एटॉर्नी के आधार पर ट्रस्ट की भूमि और जेवरातों की बिक्री बिना कोर्ट की पूर्व अनुमति के नहीं करेंगे. यदि करते हैं तो वह अमान्य माना जाएगा. अदालत ने यह भी आदेशित किया है कि हकीयत बाद के लंबित रहने की अवधि में अगर ट्रस्टी द्वारा ट्रस्ट की कोई संपत्ति बेची गई है, तो उसको वादी अदालत में चुनौती दे सकते हैं. अदालत ने एसबीआइ मेन ब्रांच, दरभंगा के लॉकर में रखे जेबरातों को बिना न्यायालय की अनुमति लिए निकासी नहीं करने का आदेश ट्रस्टी को दिया है. अदालत ने एसबीआइ मेन ब्रांच के मैनेजर को भी इस आदेश का अनुपालन करने के लिए निर्देशित किया है.

राज के मंदिरों की देखरेख एवं रखरखाव को लेकर महाराजाधिराज ने बनाया था ट्रस्ट

विदित हो कि दरभंगा राज के राजकुमार स्व. शुभेश्वर सिंह के पुत्र राजेश्वर सिंह और कपिलेश्वर सिंह ने कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास के ट्रस्टी महारानी अधिरानी कामसुंदरी देवी को ट्रस्टी पद से अयोग्य घोषित करते हुए उन्हें पद से हटाने तथा उन्हें निदेशित करने कि ट्रस्ट की वास्तविक आय- व्यय खाता बही दिखाने और दोनों वादी को ट्रस्टी नियुक्त करने के लिए हकीयत वाद दर्ज कराया था. सिविल जज सीनियर डिवीजन नवम कुमार रितेश की अदालत ने निर्णय पारित कर मामले को निष्पादित किया है. महाराजाधिराज डाॅ सर कामेश्वर सिंह ने इस रिलिजियस ट्रस्ट के निबंधित डीड का निबंधन 16 मार्च 1949 को किया था. दरभंगा व मुजफ्फरपुर में अवस्थित मंदिरों के अतिरिक्त भारत के विभिन्न भागों में निर्मित राज टेंपल में नियमित रूप से पूजा, राजभोग, समय उत्सव, मरम्मति, रख – रखाव की पूर्ति के उद्देश्य से इस ट्रस्ट की स्थापना की गयी थी.

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