Darbhanga News: कैंसर अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए स्थापित होगा लैब

Updated at : 11 May 2025 10:53 PM (IST)
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Darbhanga News: कैंसर अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए स्थापित होगा लैब

Darbhanga News:गंगवाड़ा स्थित कैंसर अस्पताल में मरीजों की जांच के लिये अब लैब स्थापित किया जायेगा.

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Darbhanga News: दरभंगा. गंगवाड़ा स्थित कैंसर अस्पताल में मरीजों की जांच के लिये अब लैब स्थापित किया जायेगा. इससे कैंसर व पैथोलॉजी से संबंधित रोगियों की रूटीन जांच की जायेगी. इसे लेकर विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया जारी है. जून माह के अंत तक निविदा प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है. बताया गया कि लैब में करीब 12 करोड़ की मशीन की खरीद की प्रक्रिया चल रही है. मशीन लग जाने से मरीजों की चिकित्सा के बाद जरूरी जांच के लिये बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इधर कैंसर अस्पताल में गैर संचारी रोग से पीड़ित मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा प्रदान की जा रही है. यहां ओपीडी में कैंसर के अलावा नन कम्युनिकेबल डिजीज के रोगियों का उपचार किया जा रहा है. प्रारंभिक रूप में यहां ओपीडी में पहुंचने वाले डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, सर्दी, बुखार सहित सामान्य रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ नि:शुल्क दवा दी जा रही है.

ओपीडी में महिला मरीजों की संख्या अधिक

23 जनवरी को गंगवाड़ा स्थित कैंसर अस्पताल का उदघाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया गया था. ओपीडी में तब से अब तक 983 गैर संचारी रोग से ग्रसित मरीज इलाज के लिये पहुंचे. उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के साथ- साथ दवा दी गयी. इसमें महिला मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है. जानकारी के अनुसार बीते चार माह में 352 पुरुष इलाज के लिये ओपीडी पहुंचे, जबकि महिला मरीजों की संख्या 631 रही. विभाग का मानना है कि जानकारी मिलने पर धीरे-धीरे मरीजों की संख्या में इजाफा होगा. मरीजों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर विभाग की ओर से बेहतर इलाज देने के लिए कोशिश की जा रही है.

अस्पताल में मिल रही ये सुविधाएं

गंगवाड़ा स्थित अस्पताल में कैंसर के अलावा, गैर संचारी रोगियों का इलाज, कैंसर से बचाव के लिये बालिकाओं का टीकाकरण, कैंसर रोग की पहचान के लिये स्क्रीनिंग आदि का इलाज व दवा की सुविधा मिल रही है.

क्या होता है गैर संचारी रोग

गैर-संचारी रोग वे होते हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते. इसलिए, इन्हें गैर-संक्रामक रोग कहा जाता है. इस बीमारी के कई कारण हैं. जीवनशैली या खानपान की आदतों में बदलाव होने पर भी इस प्रकार के रोग हो सकते हैं. चिकित्सकों के अनुसार गैर-संचारी रोगों में पार्किंसन रोग, स्वप्रतिरक्षित रोग, स्ट्रोक, अधिकांश हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दे की पुरानी बीमारी, अस्थिसंध्यार्ति, ऑस्टियोपोरोसिस, अल्जाइमर रोग, मोतियाबिंद आदि शामिल है. जानकारी के मुताबिक गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से दुनिया भर में हर साल 41 करोड़ लोगों की मौत होती है, जो वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल मौतों का 71 प्रतिशत है.

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