जुगाड़. महाजनों ने नोट बदलवाने का निकाला नया तरीका

Published at :15 Nov 2016 3:53 AM (IST)
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जुगाड़. महाजनों ने नोट बदलवाने का निकाला नया तरीका

कुछ महाजन बट्टा कटवा कर नोट बदलने का खुला ऑफर दे रहे एक दिन में छह से नौ सौ रुपये कमा रहे मजदूर छठे दिन डाकघरों ने खोला पिटारा, राहत दरभंगा : घर में पांच सौ तथा हजार के नोटों की गड्डियां जमा कर रखे महाजनों ने अपने ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने के लिए […]

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कुछ महाजन बट्टा कटवा कर नोट बदलने का खुला ऑफर दे रहे

एक दिन में छह से नौ सौ रुपये कमा रहे मजदूर
छठे दिन डाकघरों ने खोला पिटारा, राहत
दरभंगा : घर में पांच सौ तथा हजार के नोटों की गड्डियां जमा कर रखे महाजनों ने अपने ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने के लिए नया तरीका ढूंढ़ निकाला है. पुरानी करेंसी को बदलवा कर नई करेंसी लेने के लिए दिहारी पर मजदूरों को रख लिया है. इनके माध्यम से नोटों की अदला-बदली करवा रहे हैं. शुरुआती दिनों में तो ये महाजन शांत रहे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, बड़े जमाखोर सामने आने लगे हैं. सरकार की नजर से दूर मोटी रकम छिपाकर रखने वालों की परेशानी बढ़ती जा रही है. भागते भूत की लंगोटी काफी की तर्ज पर अपने नोटों को बदलवाने में जुट गये हैं. कुछ महाजन जहां बट्टा कटवाकर नोट बदलने का खुला ऑफर दे रहे हैं, वहीं मजदूरों के माध्यम से भी करेंसी चेंज कराने का तरीका इजाद कर लिया है.
जमा-निकासी को ले परेशानी बरकरार
बैंक शाखा व एटीएम के साथ ही डाकघरों से भी भुगतान शुरू होने के बावजूद परेशानी बरकरार है. लोगों की जमा पूंजी जैसे-जैसे खत्म हो रही है, पैसा निकासी तथा नोटों की अदला-बदली करने वालों की कतार लंबी होती जा रही है. सोमवार को भी प्राय: सभी बैंक शाखाओं में लंबी कतारें लगी रही. हालांकि सोमवार को भी कुछ बैंक शाखाओं से भुगतान नहीं हो सका. एलएनएमयू के सीबीआइ शाखा से पैसे का भुगतान नहीं हो सका. सिर्फ जमा होता रहा. दोपहर तक लक्ष्मीसागर उप डाकघर में भी सिर्फ जमा लिया जाता रहा. लिहाजा ग्राहक परेशान ही रहे.
बैंक काउंटर व एटीएम पर लगी रहीं लंबी कतारें
केएसडीएसयू एसबीआइ शाखा में लगी ग्राहकों की कतार.
मजदूरों की बढ़ी कमाई
अपने विश्वास पात्र मजदूरों के माध्यम से ये महाजन नोट बदलवाने का काम कर रहे हैं. बताया जाता है कि मजदूर महाजन से नोट लेकर अपने परिचय पत्र का इस्तेमाल कर नयी करेंसी लाते हैं. इसके एवज में उन्हें तीन सौ रुपये दिये जाते हैं. मजदूर एक दिन में दो से तीन जगहों पर नोटों की अदला-बदली करवाकर छह से नौ सौ रुपये तक कमा रहे हैं. बैंक शाखा तथा एटीएम पर समय बीतने के संग भीड़ घटने के बदले बढ़ते जाने की एक वजह यह भी कही जा रही है.
महिलाओं को भी मिला रोजगार
मजदूरों के साथ इस तबके की महिलाओं ने भी बैठे-बिठाये रोजगार ढूंढ़ लिया है. एटीएम पर महिलाएं किसी का भी पैसा निकलवा देती हैं. पुरुषों की लाइन लंबी होने के कारण जरूरतमंद ऐसी महिलाओं को अपना कार्ड देकर पैसे की निकासी करवा रहे हैं. केएसडीएसयू एसबीआइ शाखा के एटीएम पर सोमवार को करीब आधा दर्जन ऐसी महिलाएं नजर आयी. डेढ़ सौ से दो सौ रुपये लेकर पूरे दिन दूसरे के एटीएम से राशि निकालती रही.एक ग्राहक ने बताया कि चार घंटे लाइन में खड़े होने से बेहतर है कि डेढ़ सौ-दो सौ रुपये खर्च कर तुरंत पैसा हासिल कर लिया जाय. उसने यह भी कहा कि जैसे ही मौका मिलेगा अपने कार्ड का पिन बदल लेंगे.
डाकघरों से नोटों की अदला-बदली शुरू
छठे दिन डाकघरों ने अपना पिटारा खोला. लिहाजा जरूरतमंदों को थोड़ी राहत मिली. खासकर नोटों की अदला-बदली की सुविधा मिलने से काफी सुकून मिला. भीड़ का आलम यह था कि लालबाग डाकघर में महज तीन घंटे में ही 15 लाख रुपये बंट गये. जानकारी के मुताबिक विथड्राल फार्म से चार लाख का भुगतान हुआ. शेष राशि अदला-बदली में दी गयी. इस शाखा के अधीन करीब दर्जन भर उपडाकघरों को भी दो से तीन लाख रुपये उपलब्ध कराये गये.
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