नोट के टेंशन में उलझे लोग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Nov 2016 5:23 AM (IST)
विज्ञापन

व्यापक असर. 500 व 1000 नोट की बंदी से बाजार धड़ाम दरभंगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सौ तथा एक हजार की करेंसी पर अप्रत्याशित रोक लगा दिये जाने से बुधवार को बाजार धड़ाम से गिर पड़ा. कपड़ा से लेकर स्वर्ण आभूषण, दवा समेत सभी बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा. सबसे ज्यादा […]
विज्ञापन
व्यापक असर. 500 व 1000 नोट की बंदी से बाजार धड़ाम
दरभंगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सौ तथा एक हजार की करेंसी पर अप्रत्याशित रोक लगा दिये जाने से बुधवार को बाजार धड़ाम से गिर पड़ा. कपड़ा से लेकर स्वर्ण आभूषण, दवा समेत सभी बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा. सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य सेवा पर पड़ा. इसने आमजन को सर्वाधिक परेशान किया. कई मरीजों को खासकर निजी चिकित्सा संस्थान संचालकों ने इस वजह से जहां वापस कर दिया, वहीं कई स्थानों पर इसको लेकर तीखी नोंक-झोंक भी हुई. पेट्रोल पंप पर सुबह से ही वाहनों की कतार लगी रही. खुले पैसे नहीं होने की वजह से लोगों को बाजार से निराश लौट जाना पड़ा.
बैरंग लौटे मरीज : बहेड़ी प्रखंड के रजवाड़ा गांव निवासी राजकुमार शर्मा बेंता स्थित एक निजी नर्सिंग होम में पहुंचे. उन्हें पाइल्स का ऑपरेशन कराना था, लेकिन संचालक ने पांच सौ व हजार नोट उनके पास होने की वजह से उन्हें वापस कर दिया. वे 14 हजार रुपये जमा करने गये तो काउंटर पर मौजूद कम्पाउंडर ने पैसे लेने से मना कर दिया
सुपौल जिला से मलेरिया का इलाज कराने डीएमसीएच पहुंचा मो अली को चिकित्सक ने बाहर से जांच कराने तथा दवा लाने की सलाह दी. डीएमसीएच में जांच तो हो गयी लेकिन बाहर से वह दवा नहीं ला सका. उसकी मां ने बताया कि उनके पास सिर्फ पांच सौ के ही नोट हैं. दुकानदार ने दूसरे नोट की मांग की. नहीं होने पर वापस कर दिया. तीन घंटे तक वह एक से दूसरे दुकान भटकती रही, अंतत: निराश होकर बैठ गयी.
नहीं दी दवा: अललपट्टी चौक के एक चर्चित नर्सिंग होम के दवा भंडार में हृदय रोग की दवा लेने पहुंचे राजकुमार मंडल को पांच सौ का नोट होने के कारण दवा नहीं दिया गया. पहले उसने दवा दी. मरीज ने नोट थमाया तो दवा झपट ली.
शुरू हुआ पलायन, तो लिया नोट
बेंता चौक स्थित एक चर्चित नर्सिंग होम में मरीज के परिजनों ने पांच सौ तथा हजार के नोट जमा करना शुरू किया. कर्मी ने इसे लेने से इनकार कर दिया. मजबूरन परिजन अपने मरीज को लेकर वापस निकलने लगे. अस्पताल संचालक को जब इसकी खबर हुई तो उन्होंने अपना कारोबार प्रभावित होते देख कर्मी को इन दोनों करेंसी को लेने का निर्देश दिया. इसके बाद मरीजों का पलायन थमा.
जांच घर में नोक-झोंक: इस वजह से बेंता चौक स्थित एक जांच घर में कर्मी व मरीज के परिजनों के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई. मरीज के परिजन सुभाष सिंह ने पांच सौ रुपये का नोट दिया. संचालक ने इंकार कर दिया. अंतत: बिना रिपोर्ट के परिजन लौट गये.
रख लिया अधिक पैसा : इसका कई नर्सिंग होम संचालकों ने बुधवार को बेजा लाभ भी उठाया. एक डाक्टर के क्लिनिक पर नंदकिशोर ठाकुर जांच कराने पहुंचे. डाॅक्टर की फीस 200 रुपये है. उन्होंने पांच सौ का नोट दिया. कर्मी ने पूरा पैसा रख लिया. ऐसा कई अन्य के साथ किया. पूछने पर कर्मी का कहना था कि चिकित्सक ने पांच सौ या हजार देने वालों का पूरा पैसा रख लेने का निर्देश दे रखा है. इससे परिजन आहत व आक्रोशित थे.
दवा मंडी में सन्नाटा :इस दौरान दवा मंडी में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा. प्रतिदिन होने वाला 50 से 60 लाख का कारोबार करीब 90 फीसदी नीचे गिरा. पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांच घर के 40 से 50 लाख तथा निजी नर्सिंग होम के करीब सवा करोड़ का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ.
पेट्रोल पंप पर लगी रही कतार
सुबह सबेरे से पेट्रोल पंप पर वाहनों की कतार लग गयी. सौ रुपये का आमतौर पर पेट्रौल लेने वाले पांच सौ व हजार का तेल भरवाते दिखे. पम्प पर पुराने नोट की स्वीकार्यता को लोगों ने इस कदर लिया मानो यहां नोट नहीं चला तो इनकी करेंसी बरबाद हो जायेगी.
बाजार में पसरा रहा सन्नाटा
दवा के लिए करें संपर्क
इधर दरभंगा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि इसको लेकर दुकानदारों की एक बैठक हुई. इसमें खुदरा के अभाव में भी जरूरतमंदों को दवा देने का फैसला लिया गया. दुकानदारों से कहा गया कि पांच सौ तथा हजार का नोट देनेवालों को दवा उपलब्ध करायें तथा उनकी शेष राशि की बकाया रसीद दे दें.
श्री चौधरी ने मोबाइल नंबर 94300063705 पर दवा नहीं मिलने पर संपर्क करने की अपील भी की है.वहीं आइएमए के जिला शाखा के सचिव डॉ कन्हैया झा ने सभी चिकित्सकों से मरीजों के पुराने नोट लेने की अपील की है. मानवता के आधार पर उपचार प्रभावित नहीं करने का अनुरोध किया है.
सबकी नजर बैंक पर
दो बड़े नोट के गैरकानूनी घोषित हो जाने से परेशान आम व खास जन की नजर बैंक की ओर लगी है. सभी बैंक खुलने का इंतजार कर रहे हैं. कई लोग इस दौरान बुधवार को ब्रांच पहुंचकर बैंक खुलने के बाद करेंसी बदलने के तरीके की जानकारी लेते नजर आये.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










