फार्मासस्टिों का हुआ तबादला, दवा भंडारों में लटके ताले

Published at :15 Jan 2016 7:14 PM (IST)
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फार्मासस्टिों का हुआ तबादला, दवा भंडारों में लटके ताले

फार्मासिस्टों का हुआ तबादला, दवा भंडारों में लटके ताले डीएमसीएच के मरीज दलालों के हवालेदवाओं का है पुख्ता इंतजामफोटो- 13परिचय- डीएमसीएच के बंद पड़े दवा भंडार.दरभंगा. डीएमसीएच के चार फार्मासिस्टों का तबादला हो गया है. इस स्थानांतरण के साथ ही दवा भंंडारों में ताले लटक गये हैं. अबतक कुल आधा दर्जन में से चार वार्डों […]

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फार्मासिस्टों का हुआ तबादला, दवा भंडारों में लटके ताले डीएमसीएच के मरीज दलालों के हवालेदवाओं का है पुख्ता इंतजामफोटो- 13परिचय- डीएमसीएच के बंद पड़े दवा भंडार.दरभंगा. डीएमसीएच के चार फार्मासिस्टों का तबादला हो गया है. इस स्थानांतरण के साथ ही दवा भंंडारों में ताले लटक गये हैं. अबतक कुल आधा दर्जन में से चार वार्डों के दवा भंडार बंद हो चुके हैं. मात्र इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी का दवा भंडार नियमित खुलता हैं. ऐसे वार्डों के मरीजों का रात दिन दवा के अभाव में कैसी हालत होगी यह तो सहज ही पता लगाया जा सकता है. इन हालातों के बयान मरीज के के साथ उनके परिजन की पीड़ा सुन लोगों के दिल दहल गये. कैसे हुआ तबादला पीएमसीएच समेत अन्य अस्पतालों से पांच फार्मासिस्ट का तबादलता तीन साल पूर्व डीएमसीएच में हुआ था. इसमें से एक विकलांग फार्मासिस्ट ने यहां योगदान नहीं दिया. चार फार्मासिस्टों ने यहां योगदान दिया. सरकार के आदेश पर अक्टूबर से जनवरी तक चारों फार्मासिस्ट को डीएमसीएच से स्थानांतरित कर दिया गया. जबकि अस्पताल के चार फार्मासिस्टों का तबादला 2012 मेें ही पीएमसीएच व अन्य अस्पतालों में हो चुका है. इस कारण मरीजों के दवा वितरण में काफी परेशानियों का सामाना करना पड़ता है. बंद हुआ दवा भंडारइसके चलते सर्जिकल भवन और मेडिसिन वार्ड का दवा भंडार बंद हो गया है. इसके पूर्व शिशु रोग वार्ड का कई सालों से दवा भंडार ठप है. इधर गायनिक वार्ड का दवा भंडार तीनों शिफ्ट में खुली रहती थी लेकिन फार्मासिस्टों के अभाव में यह दवा भंडार सुबह 8 से दिन के 2 बजे तक ही खुलती है. दो कर्मी हुए प्रतिनियिुक्तबारी बारी से बंद होते देख डीएमसीएच प्रशासन ने दो वार्डों के दवा भंडारों को नियमित चालू रखने के लिए दो वार्ड एटेंडेंट को प्रतिनियुक्त किया है. इसमें से एक वार्ड एटेंडेंट ने अभी तक योगदान नहीं दिया है. बता दें कि फार्मासिस्टों के 60 सालों से 12 स्वीकृत पद हैं. इसमें छह फार्मासिस्ट कार्यरत हैं. इनमें से तीन इमरजेंसी के दवा भंडार में कार्यरत रहते हैं. एक फार्मासिस्ट मुख्य दवा भंडार में और दो ओपीडी में कार्यरत हैं. अस्पताल अधीक्षकडा. एसके मिश्रा ने फार्मासिस्टों की कमी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि जहां दवा भंडार बंद रहता है वहांके स्टाफ नर्सों को दवा दिया गया है.

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