शक्षिक बहाली को ले महीनों से चल रहा था विवाद

Published at :02 Jan 2016 7:54 PM (IST)
विज्ञापन
शक्षिक बहाली को ले महीनों से चल रहा था विवाद

शिक्षक बहाली को ले महीनों से चल रहा था विवाद वर्चस्व टूटता देख विपक्षियों ने ले ली जानहत्याकांड ने गैर कानूनी धंधे को भी किया उजागरफोटो. 8, 9, 10 व 11परिचय. पहले पेेज भेजी गयी खबर में परिचय अंकित है…………………………../इतारडीह. सकतपुर थाना क्षेत्र के लगमा में हुई शिक्षक की हत्या की जड़ में स्कूल में […]

विज्ञापन

शिक्षक बहाली को ले महीनों से चल रहा था विवाद वर्चस्व टूटता देख विपक्षियों ने ले ली जानहत्याकांड ने गैर कानूनी धंधे को भी किया उजागरफोटो. 8, 9, 10 व 11परिचय. पहले पेेज भेजी गयी खबर में परिचय अंकित है…………………………../इतारडीह. सकतपुर थाना क्षेत्र के लगमा में हुई शिक्षक की हत्या की जड़ में स्कूल में अपनों की बहाली की बात उभरकर सामने आयी है. अपनों की बहाली नहीं करा पाने को विपक्षियों ने अपनी शान से जोड़ लिया और अंतत: इसकी कीमत शिक्षक मदन मोहन चौधरी को अपनी जाने देकर चुकानी पड़ी. इस घटना ने क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के कारोबार की भी पोल खोल दी है. उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में अरसे से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. हालांकि अब यह लड़ाई समय के साथ कमजोर पड़ती जा रही है, लेकिन अभी भी एक गुट अपने वर्चस्व का सिक्का जमाये रखने का भरसक प्रयास कर रहा है. बताया जाता है कि इसी वजह से उसकी निर्मम तरीके से इतनी पिटाई की गयी कि उसमें शिक्षक की मौत हो गयी. वैसे क्षेत्रवासियों की मानें तो इस घटना को अंजाम देकर दूसरे गुट तथा धाक कम मानने वालों को एक खौफनाक संदेश देने की कोशिश की गयी है. क्षेत्रवासी भी इसे समझ रहे हैं. यही वजह है कि घटना के बाद गांववासी उबल पड़े और सड़क जाम कर दिया. आक्रोश इतना अधिक था कि स्थानीय स्तर पर लाख कार्रवाई का आश्वासन देने पर भी लोग मानने को तैयार नहीं थे. यही कारण है कि एसएसपी एके सत्यार्थी के आने के बाद भी लोग तब जाकर शांत हुए जब एसएसपी के आदेश पर पूर्व जदयू विधायक प्रभाकर चौधरी की गिरफ्तारी हो गयी. बहरहाल पुलिसिया जांच के बाद ही पूरा माजरा सामने आ सकेगा. यह है मामलाजानकारी के अनुसार शिक्षक मदन मोहन चौधरी ने गांव के ही संस्कृत विद्यालय में अपनी पत्नी को शिक्षिका के रूप में योगदान करा लिया था. दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा था. काफी कोशिश के बाद वह गुट कामयाब नहीं हो सका. इसे विपक्षियों ने अपनी शान से जोड़ लिया. ग्रामीणों का कहना है कि इस मुद्दे पर महीनों पूर्व से विवाद चल रहा था. देख लेने व दिखा देने की धमकी दी जा रही थी. अपने लक्ष्य में नाकाम होने के बाद बीती रात आरोपित किशोरी चौधरी की डीजल दुकान में ले जाकर शिक्षक की बेरहमी से पिटाई की गयी और इंर्ट-पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी. सूत्रों की मानें तो जिस डीजल की दुकान में यह वारदात हुई वह कई विवादों की जड़ है. हालांकि इस दुकान पर तो डीजल दुकान का बोर्ड लटका है, लेकिन गोरखधंधा कुछ और ही चलता है. बताया जाता है कि दुकान की भीतरी हिस्से में अवैध शराब का कारोबार चलता है. साथ ही यहां कई ‘वैसे तत्वों’ का जमावड़ा भी लगता है. इस अवैध शराब के कारोबार ने थाने की पुलिस की लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है. ज्ञातव्य हो कि एसएसपी ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सघन अभियान चला रखा है. बावजूद इसके यहां यह धंधा चल रहा था. दूसरी ओर पुलिस की मिलीभगत कहें या लापरवाही उजागर हो गयी है. एसएसपी को इस ओर ध्यान देना होगा. अन्यथा जिस तरह लोगों का गुस्सा आरोपितों के खिलाफ भड़का किसी दिन पुलिस के विरूद्ध भी फूट सकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन