मक्का की बुआई शीघ्र करें समाप्त, 10 के बाद पिछात हो जायेगीे चना की बुआई
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Dec 2015 6:53 PM
मक्का की बुआई शीघ्र करें समाप्त, 10 के बाद पिछात हो जायेगीे चना की बुआई 10 तक पूरा करें गेहूं के सामान्य किस्मों की बुआईदरभंगा. रबी मक्का की बुआई अतिशीघ्र संपन्न करे. गत माह बोये गये मक्का में निकौनी कर खरपतवार निकाले. राई की राजेन्द्र पिछैती, राजेन्द अनुकूल, राजेन्द्र सुफलाम किस्मों की बुआई जल्दी समाप्त […]
मक्का की बुआई शीघ्र करें समाप्त, 10 के बाद पिछात हो जायेगीे चना की बुआई 10 तक पूरा करें गेहूं के सामान्य किस्मों की बुआईदरभंगा. रबी मक्का की बुआई अतिशीघ्र संपन्न करे. गत माह बोये गये मक्का में निकौनी कर खरपतवार निकाले. राई की राजेन्द्र पिछैती, राजेन्द अनुकूल, राजेन्द्र सुफलाम किस्मों की बुआई जल्दी समाप्त करें. गत माह बोये गये तोरी-राई की फसल में निकौनी तथा बछनी करें. साथ ही आवश्यकतानुसार सिंचाई देकर 30 किलो प्रति हेक्टेयर नेत्रजन का प्रयोग करें. सिंचित एवं सामान्य समय वाली गेहूं की बुआई 10 दिसंबर तक सम्पन्न करें. इसके लिए पीबीडब्लू-343, पीबीडब्लू-443, एचडी-2733, एचडी-2967, एचडी-2824, के-9107, के-307, एचयूडब्लू-206 किस्में अनुशंसित है. बीज को बुआई से पहले 2़5 ग्राम बेबीस्टीन सेे प्रति किलो ग्राम बीज को उपचारित करें. बुआई के समय 60 किलो ग्राम नेत्रजन, 60 किलो ग्राम फॉसफोरस एवं 40 किलो ग्राम पोटास प्रति हेक्टेयर डालें. छिटकबां विधि से बुआई के लिए प्रति हेक्टेयर 125 किलो ग्राम तथा सीड ड्रील से पंक्ति में बुआई के लिए 100 किलो ग्राम बीज का व्यवहार करें. चना की बुआई 10 दिसम्बर तक सम्पन्न कर लें. अन्यथा उपज प्रभावित हो सकती है. चना के लिए उन्नत किस्म पूसा-256, केपीजी-59(उदय), केडब्लूआर-108, पूसा 372 अनुशंसित हैं. बुआई से पूर्व बीज कोे उपचारित करें. भूमि में नमी की कमी को देखते हुए आलू की फसल में अच्छा अंकुरण तथा उपज के लिए रोप के 20 से 25 दिनों के भीतर एक हल्की सिंचाई करना लाभदायक रहेगा. एक माह पहले रोप की गयी आलू की फसल में निकौनी करें. निकौनी के बाद नेत्रजन उर्वरक का उपरिवेशन कर आलू में मिट्टी चढ़ा दें साथ ही आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें. चारे के लिए जई तथा बरसीम की बुआई करें. जई के लिए 80-100 किलोग्राम बीज तथा बरसीम के लिए 25-30 किलो ग्राम बीज प्रति हेक्टेयर का व्यवहार करें. सब्जियों में निकाई-गुड़ाई एवं आवश्यकतानुसार सिंचाई करें.फूलगोभी व पत्ता गोभी वाली फसल में पत्ती खाने वाली कीट (डायमंड बैक मॉथ) की रोकथाम के लिए स्पेनोसेड दवा एक मिली प्रति 3 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. बैगन तथा टमाटर की फसल को तना एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए ग्रसित तना एवं फलों को इकठा कर नष्ट कर दें. यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड 48 इसी/ 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










