पीएचसी की लापरवाही से डीएमसीएच में ठप है रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी

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पीएचसी की लापरवाही से डीएमसीएच में ठप है रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी डा. मैथ्यु ने शुरू किया था सर्जरी दरभंगा. डीएमसीएच में 8 साल पूर्व बेंगलूरु से डा. जैकब मैथ्यु कुष्ठ विकलांग के लिए भगवान बनकर आये थे. डा. जैकब ने डीएमसीएच के डॉक्टरों को कुष्ठ विकलांगता समाप्त करने का प्रशिक्षण दिया था. वे खुद ऐसे विकलांगों […]

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पीएचसी की लापरवाही से डीएमसीएच में ठप है रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी डा. मैथ्यु ने शुरू किया था सर्जरी दरभंगा. डीएमसीएच में 8 साल पूर्व बेंगलूरु से डा. जैकब मैथ्यु कुष्ठ विकलांग के लिए भगवान बनकर आये थे. डा. जैकब ने डीएमसीएच के डॉक्टरों को कुष्ठ विकलांगता समाप्त करने का प्रशिक्षण दिया था. वे खुद ऐसे विकलांगों की विकलांगता को दूर करने के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी कर नयी जिंदगी दी. विदेशी एनजीओ डीवाईएफटी के प्रयास से इसमें गति आयी. इधर पीएचसी की लापरवाही से ऐसा सर्जरी हड्डी रोग ओटी में एक साल से ठप है.सर्जरी के बंद होने के कारणडीएमसीएच में सर्जरी कराने के लिए कुष्ठ रोगियों को पीएचसी से रेफर किया जाता था. ऐसे रोगियों का यहां निबंधन होता था. एक माह में एक दिन ऐसे मरीजों के रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के लिए समय तय था. उस दिन ऑपरेशन होता था और मरीज एक सप्ताह बाद अपने घर चले जाते थे. इधर पीएचसी से यहां ऐसे मरीजों के रेफर होने की व्यवस्था एक साल से ठप है. अधिकारियों का कहना है कि पीएचसी में कर्मियों का अभाव है. ऐसे रेफर वाले मरीजों को डीएमसीएच लाने के लिए अब पीएचसी पर कर्मी नहीं हैं. इसके कारण ऐसे मरीजों का पीएचसी से डीएमसीएच रेफर नहीं हो पा रहा है. 42 मरीजों को मिला इसका लाभइन 8 सालों में उत्तर बिहार के 42 मरीजों को कुष्ठ विकलांगता से लाभ मिला. इसमें सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और मोतिहारी जिलों के ऐसे मरीज जो कुष्ठ विकलांगता से ग्रस्त थे उनको सर्जरी कर ठीक किया गया था. इस रोग के कारण कई लड़कियों की शादी भी टूट गयी थी. इस सर्जरी के बाद शादी भी हुई. विशेषज्ञ डाक्टर नंद कुमार बनेडा. मैथ्यु ने 2007 में हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. नंद कुमार को रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का भी प्रशिक्षण दिया था. डा. नंद कुमार के नेतृत्व में जबतक यहां मरीज आये तबतक मरीजों को जीवनदान मिला. पीएचसी से ऐसे मरीजों का आना बंद हुआ और ये सर्जरी भी यहां बंद है. हड्डी रोग के विभागाध्यक्ष डा. लालजी चौधरी ने बताया कि ऐसे मरीजों के यहां आने पर रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी होगा.

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