Bihar: 48 घंटे बाद भी इम्तियाज का कोई सुराग नहीं मिला, परिजन लगा रहे गुहार, मां की हालत खराब

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 Apr 2025 7:33 PM

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Bihar kidnapping News: इम्तियाज की मां मिसरून नेशा ने बताया कि फिरौती के लिए मैसेज मिलने के थोड़ी देर पहले जब उससे बात हुई तो उसने गांव के कुछ लोगों के साथ होने की जानकारी दी थी. उसके कुछ ही देर बाद अपहरण का मैसेज मिला. हालांकि उसके बाद से न तो कोई कॉल आया है और न कोई मैसेज. उसका मोबाइल भी बंद है.

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Bihar kidnapping News, सतीश कुमार पांडेय: पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के मल्दहिया गांव से सातवीं के छात्र इम्तेयाज अहमद को अपराधियों ने फिरौती के लिए अगवा कर लिया है. 10 लाख फिरौती की मांग अपह्त इम्तेयाज के ही मोबाइल से मैसेज करके की गई है. मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. हालांकि घटना के बाद 48 घंटे बाद भी इम्तियाज का सुराग नहीं मिल सका है. उसका मोबाइल बंद है.

मां पुलिस अधिकारियों से लगा रही गुहार

परिजन किसी अनहोनी को लेकर चिंतित व परेशान है. घर में खाना पीना बंद है और परिजन इमत्याज की सकुशल बरामदगी को लेकर पुलिस पदाधिकारियों से गुहार लगा रहे है. अपहृत छात्र की मां मिसरून नेशा की हालत खराब है. वह रो रो कर अपने बेटे की सकुशल वासपी को लेकर घर पर आने वाले पुलिस पदाधिकारियों से गुहार लगा रही है.

पांच बहनों ने इकलौता भाई है इम्तियाज

इम्तियाज पाचं बहनों में इकलौता भाई है और तीसरे स्थान पर है. उससे बड़ी दो बहनें समीमा और शहरीना खातुन है. जबकि शहनाज, चांद तारा और सुब्बी खातून छोटी हैं. इम्तेयाज के अब्बा कौशर अंसार कश्मीर में बढ़ई मिस्त्री का काम करते है. घर वाले भी इस बात परेशान है कि प्रतिदिन पाच सौ रूपये कमाने वाले से दस लाख की रंगदारी मांगी गयी है.

बता दें कि इम्तियाज के अपहरण के मामले में उसकी मां मिशरूम खातून प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें इम्तियाज को अपने मटियरिया विद्यालय में ट्रांसफर सर्टिफिकेट की जानकारी के लिए जाने के क्रम में अपहरण की बात बताई है.

आधा दर्जन नाबालिगों से हुई पूछताछ

इम्तियाज के अपहरण और दस लाख रूपये फिरौती मांगे जाने के बाद गांव में अटकलों का बाजार गर्म है. इम्तेयाज के पिता कौशर अंसारी कश्मीर के न्यू थीड हरबन में बढ़ई मिस्त्री का काम करते है. घर में कमाने वाले वे इकलौता व्यक्ति है. पुलिस ने मामले में इम्तियाज की सौतेली दादी हसीना खातून समेत सात किशोरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, जिनसके पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया. हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है.

जाचं को पहुंचें एसपी ने बरामदगी को लेकर दिया निर्देश

घटना के बाद रविवार को बेतिया एसपी डॉ शौर्य सुमन छात्र के घर घटनास्थल मलदहिया पहुंचे और उसके परिजनों से जानकारी ली. साथ ही उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों से जल्द से जल्द अपहृत की बरामदगी को लेकर दिशा निर्देश दिया. उनके साथ घटनास्थल पर एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह, अपर थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार भी मौजूद रहे. उधर, अपहृत छात्र की मां और बहन ने जल्द से जल्द उसकी बरामदगी के लिए वरीय अधिकारियों से गुहार लगाई है. घटना के दिन शहर के जिस चौक पर छात्र इम्तियाज देखा गया था और उसके बाद संभावित ठिकानों की जानकारी में पुलिस जुटी है. सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं. हालांकि 12 अप्रैल की इस घटना से ग्रामीण भी हतप्रभ हैं. धमकी भरी फिरौती की मांग खुद इम्तियाज के मोबाइल से ही मैसेज भेज कर उसके घर वालों से की गई.

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SDPO क्या बोले

नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि छात्र के मोबाइल से ही फिरौती का मैसेज आया है. इसके बाद से कोई कॉल और मैसेज मिलने की सूचना नहीं है. प्रथम दृष्टया अपहरण का मामला प्रतीत नहीं हो रहा है. वैसे पुलिस हर एक बिंदुओं पर छानबीन कर रही है. जल्द ही अपह्त की बरामदगी करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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