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Industry In Bihar: बिहार में होंगी फैक्ट्रियां ही फैक्ट्रियां, 2 जिलों में बनेगा स्पेशल इकोनॉमी जोन, सम्राट चौधरी ने क्या बताया?

25 Jan, 2026 9:10 am
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special economic zone created in 2 district

एआई जेनरेटेड फोटो

Industry In Bihar: बिहार में बड़े-बड़े राज्यों की तरह ही फैक्ट्रियां लगने वाली हैं. राज्य में 2 स्पेशल इकोनॉमी जोन बनाए जायेंगे. इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलने वाला है. इकोनॉमी जोन के लिए खासकर बॉर्डर इलाके वाले जिलों को ही चुना गया है.

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Industry In Bihar: ‘बिहार इंडस्ट्रियल हब बन रहा है. राज्य में देश के नामी-गिरामी उद्योगपति (Industrialist) इंवेस्ट कर रहे हैं. अब तक इंडस्ट्री लगाने के लिए 1285 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जा चुकी है.’ यह जानकारी बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने दी. राज्य के दो जिलों पश्चिम चंपारण के कुमार बाग और बक्सर के नवानगर में स्पेशल इकोनॉमी जोन बनाया जाएगा.

इकोनॉमी जोन के लिए इतना होगा खर्च

जानकारी के मुताबिक, इन 2 स्पेशल इकोनॉमी जोन में लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे. पश्चिम चंपारण में 125 और बक्सर में 125 एकड़ की जमीन में इकोनॉमी जोन डेवलप किया जाएगा. इससे लाखों लोगों को रोजगार मिल सकेगा.

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि बिहार की इकोनॉमिक पहचान को बदलने की कोशिश की जा रही है, इसके लिए फैक्ट्रियां लगाई जा रही है. स्पेशल इकोनॉमी जोन के बनने से देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी उद्योगपति बिहार में फैक्ट्रियां लगाने के लिए आयेंगे.

इन जिलों को भी होगा फायदा

पश्चिम चंपारण और बक्सर में स्पेशल इकोनॉमी जोन बनाए जाने से आस-पास के जिलों को भी फायदा हो सकेगा. पश्चिम चंपारण के आस-पास के जिले जैसे कि गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर को फायदा मिल सकेगा. जबकि बक्सर के आस-पास के जिले जैसे कि रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद का भी विकास हो सकेगा. पश्चिम चंपारण के नेपाल से सटे होने की वजह से सामान आसानी ने एक्सपोर्ट किए जा सकेंगे. जबकि बक्सर के सामान आसानी से दूसरे राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली ले जा सकेंगे.

सम्राट चौधरी ने क्या कहा?

बिहार में इंडस्ट्रियों को लेकर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने साल 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का टारगेट सेट किया है. 1990 से 2005 के दौर की चर्चा करते हुए कहा था कि उस समय बिहार में एक लाख लोगों को भी नौकरी नहीं मिल पाई थी, जबकि 2005 से 2025 के बीच 57 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया गया है.

सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार इंडस्ट्रियल हब बन रहा है. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, आईटी हब और नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के कारण राज्य को समृद्धि की नयी राह मिली है. इससे मजदूरों को काम के लिए बिहार से बाहर जाने की मजबूरी समाप्त होगी.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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