गंडक बराज से छोड़ा गया एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी

Published at :04 Jul 2017 4:38 AM (IST)
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गंडक बराज से छोड़ा गया एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी

बगहा/बेतिया : नेपाल में हो रही लगातार बारिश से गंडक का जल स्तर बढ़ता जा रहा है. जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जल संसाधन विभाग ने पीपी तटबंध की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. गंडक बराज से अब तक अधिकतम एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया […]

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बगहा/बेतिया : नेपाल में हो रही लगातार बारिश से गंडक का जल स्तर बढ़ता जा रहा है. जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण जल संसाधन विभाग ने पीपी तटबंध की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. गंडक बराज से अब तक अधिकतम एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इसके बाद से तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

पीपी तटबंध के 32.5 किलोमीटर पर स्पर का नोज धंसता जा रहा है. बैक रोलिंग तेज होने के कारण जीएस प्रभाग में 1.2 से 1.5 किलोमीटर के बीच 300 मीटर तक दबाव काफी है. पीपी तटबंध पर पानी के दबाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की छुट्टी रद्द कर दी गयी है. तटबंधों पर होमगार्डों की तैनाती की गयी है. जगह-जगह स्पर पर जेनेरेटर से लाइट की व्यवस्था की जा रही है, जिससे रात में भी तटबंधों की निगरानी ठीक ढंग से की जा सके.

मुख्य अभियंता ने किया निरीक्षण. मुख्य अभियंता ने तटबंध व गंडक नदी की तट पर निरीक्षण
गंडक बराज से…
करके नदी के रुख व जल स्तर वृद्धि का जायजा लिया. निरीक्षण के बाद मुख्य अभियंता कुमार जयंत प्रसाद ने बताया कि नेपाल में पिछले 24 घंटे के भीतर 244 मिमी वर्षा हुई है. पोखरा में 191 मिमी और भैरहवा में 43 मिमी वर्षा रिकार्ड की गयी है. नेपाल में हो रही बारिश के कारण गंडक नदी का जल स्तर निरंतर बढ़ रहा है. प्रत्येक दो घंटे के अंतराल में जल स्तर की रिडिंग की जा रही है. नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है. नेपाल में पिछले 24 घंटे के भीतर हुई बारिश से नदी के जल स्तर में अगले तीन से चार दिनों तक वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है.
संवेदनशील स्थलों की हो रही निगरानी
ठकराहां में जीएच प्रभाग, भितहा में कटइंड,चंदरपुर, तिनफेड़िया, बररिया, दूलारी के पास तटबंध पर नदी की स्थिति काफी संवेदनशील है. इसके नियमित निगरानी के लिए डिवीजन वार अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति तटबंध पर की गयी है. कार्यपालक अभियंता विजय कुमार सिंह व हरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में अभियंता कैंप करके नदी के जल स्तर व रुख की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने बताया तटबंध पर संसाधन उपलब्ध है. अभियंता तटबंध पर ही कैंप करके रहेंगे. नदी की स्थिति आक्रामक होने पर तटबंध की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से संघर्षात्मक काम कराने के लिए कार्यपालक अभियंता विजय कुमार सिंह और हरेंद्र प्रसाद सिंह को निर्देश दिया गया है. निरीक्षण के दौरान अवर प्रमंडल पदाधिकारी रामचंद्र प्रसाद,जगतानंद प्रसाद, मदन प्रकाद,मृत्युंजय राय,जेई धर्मेंद्र प्रसाद, अर्जुन प्रसाद,रामशंकर गुप्त, बृजेश कुमार आदि अभियंता अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद थे. नेपाल से निकली नारायणी नदी (गंडक) उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, कुशीनगर होते हुए बिहार के बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली होते हुए गंगा नदी में मिल जाती है.
तटबंधों पर बढ़ा दबाव, जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की छुट्टी रद्द
बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज मुजफ्फरपुर व वैशाली में बाढ़
की आशंका बढ़ी
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