सिर्फ नारेबाजी करनेवाले ही देशभक्त नहीं होते : तुषार गांधी

Updated at : 24 Mar 2017 7:14 AM (IST)
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सिर्फ नारेबाजी करनेवाले ही देशभक्त नहीं होते : तुषार गांधी

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : सिर्फ नारेबाजी करनेवाले ही देशभक्त नहीं होते. देशभक्ति के लिए भगत सिंह बनना होगा. गांधी के विचार वैसे धागे के समान है, जिसे किसी के गले में डाल कर मैत्री का संदेश दिया जा सकता है.उक्त बातें महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को संबोधित करते […]

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मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) : सिर्फ नारेबाजी करनेवाले ही देशभक्त नहीं होते. देशभक्ति के लिए भगत सिंह बनना होगा. गांधी के विचार वैसे धागे के समान है, जिसे किसी के गले में डाल कर मैत्री का संदेश दिया जा सकता है.उक्त बातें महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए गुरुवार को कहीं. उन्होंने कहा कि कस्तूरबा बा के बिना चंपारण में बापू का महत्व अधूरा है. क्योंकि जब बापू चंपारण छोड़ कर बाहर गये थे, तो बा ही चंपारण में आंदोलन की बागडोर संभाली हुई थी. अंगरेजों के खिलाफ पहली जीत बापू ने चंपारण में ही दर्ज की थी. बापू के पूर्ण स्वराज का सपना अब भी अधूरा है. किसानों की स्थिति पूरे देश में अच्छी नहीं है.
शराबबंदी से सामाजिक क्रांति का हुआ आगाज : अशोक चौधरी
शराबबंदी से सामाजिक क्रांति का आगाज हुआ है. जीविका समूह को सरकार आगे लायी है. एक करोड 70 लाख बच्चों ने शराबबंदी के लिए हस्ताक्षर किये. उक्त बातें शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने एमएस काॅलेज के मैदान सर्व सेवा धर्म द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सत्याग्रह शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं.
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