48 घंटे बाद उठने दिया पिता का जनाजा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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चिरैया (पूचं) : संपत्ति विवाद में पंचायती के बाद तीसरे दिन सोमवार को बड़े पुत्र ने उठने दिया पिता का जनाजा. घटना चिरैया थाने के सगरदीना गांव की है. इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मृत अब्दुल कादिर (अवकाश प्राप्त शिक्षक) के दरवाजे पर जमी रही. रविवार देर रात से सुबह तक पंचायती हुई. विवाद […]
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चिरैया (पूचं) : संपत्ति विवाद में पंचायती के बाद तीसरे दिन सोमवार को बड़े पुत्र ने उठने दिया पिता का जनाजा. घटना चिरैया थाने के सगरदीना गांव की है. इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मृत अब्दुल कादिर (अवकाश प्राप्त शिक्षक) के दरवाजे पर जमी रही. रविवार देर रात से सुबह तक पंचायती हुई. विवाद निबटारे के बाद सोमवार की सुबह जनाजा निकला.
जानकारी के अनुसार, अब्दुल कादिर की मौत छोटे पुत्र नूर आलम के ढाका स्थित मकान में शनिवार की सुबह हो गयी. जब शव को ढाका से गांव सगरदीना लाया गया, तो बड़े पुत्र अमीर मियां ने यह कहते हुए जनाजा निकलने से रोक दिया कि अब्बा ने सारी संपत्ति छोटे बेटे नूर को दे दी है. जब तक हिस्सा नहीं मिलेगा जनाजा नहीं निकलेगा.
संपत्ति विवाद पर क्या हुई पंचायती. अब्दुल ने खेती की एक बीघा पांच कट्ठा और ढाका की दो कट्ठा जमीन छोटे बेटे नूर को लिख दिया था. ढाका की जमीन
48 घंटे बाद
एक करोड़ से अधिक की हो सकती है. बड़े बेटे को कुछ न मिला. इसी को ले जनाजा रोका गया था. पंचायती में सभी जमीन में आधा की हिस्सेदारी संबंधित कागजात बनने के बाद जनाजा निकला.संपत्ति को ले विवाद का निबटारा करने में सरपंच जहां आरा, मो कमरूद्दीन, उपसरपंच खैरूलनेशा, मो नशीफ, इमरान, शो शहाबुद्दीन, मो अनीश सहित एक दर्जन ग्रामीण व अन्य लोग शामिल थे.
पंचों की पंचायती में हुआ विवाद का निबटारा
पिता ने छोटे पुत्र को दे
दी थी सारी संपत्ति
अब्दुल कादिर के पिता का भी रुका था जनाजा
ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक अब्दुल कादिर के पिता मो कादिर ने कुल संपत्ति अब्दुल कादिर को लिख दी और बड़े पुत्र मो वादिर को नहीं दिया, तो वादिर ने भी पिता के जनाजे को रोक दिया था. उस समय भी पंचायती हुई थी.
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