डेढ़ दर्जन मवेशियों की मौत
Updated at : 13 Jul 2017 4:22 AM (IST)
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नाक व कान से खून गिरने के बाद मर रहे मवेशी बंजरिया : थाने क्षेत्र के पचरुखा पश्चिमी पंचायत अंतर्गत ब्रह्मपुरी व पचरुखा गांव में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब बीस मवेशियों की मौत हो गयी है. इसमें बैल के अलावा दुधारू पशु गाय व भैंस भी शामिल हैं. दुधारू पशु के मरने से […]
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नाक व कान से खून गिरने के बाद मर रहे मवेशी
बंजरिया : थाने क्षेत्र के पचरुखा पश्चिमी पंचायत अंतर्गत ब्रह्मपुरी व पचरुखा गांव में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब बीस मवेशियों की मौत हो गयी है. इसमें बैल के अलावा दुधारू पशु गाय व भैंस भी शामिल हैं. दुधारू पशु के मरने से किसानों के आर्थिक आय का रीढ़ टूट रहा है. जिसके कारण उनके घर में भोजन की समस्या भी उत्पन्न हो रही है. पीड़ित किसान सिपाही यादव, लालजी यादव, रामाज्ञा भगत, मदन यादव, मनोज श्रीवास्तव, राधा हजरा, सुधीर कुमार, रामाअयोध्या भगत आदि ने बताया कि पहले मवेशी को कंपकपी के साथ बाल खड़े हो जाते हैं. जिसके बाद पेट फुलना शुरू होता है.
स्थानीय स्तर पर दवा का कोई असर नहीं हो रहा है. मवेशी विभाग के चिकित्सक भी गांव में नहीं पहुंच पाये हैं. इधर, सूचना पर पहुंचे स्थानीय मुखिया कुमार मनोज सिंह ने किसानों से मुलाकात कर समस्याओं के संबंधित आवेदन जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया है. श्री कुमार के अनुसार, गुरुवार को प्रभावित गांव में पशु चिकित्सा कैंप आयोजित किया जायेगा. जहां संक्रामक रोधक दवा मवेशियों को दी जायेगी. जानकारों की माने तो बरसात के समय विशेष प्रकार का घास खाने से भी यह रोग फैलती है.
किसानों को सलाह दी गयी संड़े व भूआ लगे भूसा खिलाने से किसान परहेज करें.
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