शहर में लगने वाली जाम के कारण आम-आवाम से लेकर खास वर्ग तक परेशान

शहर के जेल-पइन रोड से लेकर सिंडिकेट तक, स्टेशन रोड से लेकर ज्योति चौक और गोलंबर से लेकर बक्सर-फोरलेन सड़क पर प्रतापसागर तक आए दिन लगने वाली जाम से आम-आवाम से लेकर खास वर्ग के लोग परेशान हैं.
बक्सर.
शहर के जेल-पइन रोड से लेकर सिंडिकेट तक, स्टेशन रोड से लेकर ज्योति चौक और गोलंबर से लेकर बक्सर-फोरलेन सड़क पर प्रतापसागर तक आए दिन लगने वाली जाम से आम-आवाम से लेकर खास वर्ग के लोग परेशान हैं. ऐसा नहीं है जाम के कारण केवल आम लोगों को ही परेशानी होती है. बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. जाम जिले के आला अधिकारियों की वाहन तक फंस जाती है. मगर जाम से लोगों को राहत नहीं मिल रहा है. जबकि जाम को लेकर सदर एसडीओ धीरेंद्र मिश्रा ने बकायदे नियम भी लागू किया कि शहर से कभी बालू लदे ट्रक नहीं गुजरेगी. मगर इसका पालन नहीं हो रहा पा रहा है. लिहाजा जाम को झेलना शहरवासियों की नियति बन गयी है. जाम की वजह से स्कूल बसें फंस जाती है. जिस कारण बच्चे घंटों तक बीच रास्ते में फंसे रहते है. एंबुलेंस से लेकर वकीलों तक जाम में आये दिन फंस जाते हैं. जिसे लेकर हर वर्ग में नाराजगी है. क्या कहते हैं शहरवासीआये दिन लगने वाली जाम के कारण वकली समय से कोर्ट नहीं पहुंच पाते हैं. जिस कारण मुवक्किलों समेत वकीलों को परेशानी होती है. जनमेजय कुमार, वकीलजाम से लोगों को कब राहत मिलेगी. इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को कोई ठोस पहल करनी चाहिए. जाम की वजह से न्यायिक पदाधिकारियों से लेकर वकीलों को परेशानी होती है. विशाल सिंह, वकीलशहर में लगने वाली जाम की वजह से आम-आवाम से लेकर हर तबके के लोगों को परेशानी होती है. शासन-प्रशासन जाम को लेकर लापरवाह बने हैं. धर्मेंद्र राय, वकील
जाम शहर के लिए नासूर बन चुका है. जाम में एंबुलेंस के फंस जाने से उसमें जा रहे मरीजों की जान पर भी आफत आ जाती है. मगर प्रशासनिक अधिकारी मौन साधे हुए हैं. रामजी सिंह, वकीलशहर में जाम की समस्या से हर वर्ग के लोग परेशान हैं. सुबह में जाम में फंसने के कारण स्कूली बच्चें घंटों बसों में बिलबिलाते रहते हैं. जबकि एंबुलेंस में मरीजों के फंस होने के कारण समय से वे अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं. डॉ आशुतोष सिंहआये दिन जाम में फंसने के कारण स्कूली बच्चों का पठन-पाठन बाधित होता है. वही जाम में फंसने की वजह से स्कूल के बच्चों के अभिभावक भी परेशान होकर विद्यालय में फोन करते रहते हैं. जय प्रकाश सिंह, निदेशक रेडिएंट पब्लिक स्कूलसमय से कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे पा रहे हैं. हाल के दिनों में अटेंडेंस एप से बनाना है. बड़ी मशक्कत के साथ शिक्षक विद्यालय पहुंचते हैं. फिर भी लेट हो जा रहे हैं. रविशंकर राय, शिक्षक नेता
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