डुमरांव अंचल में बड़ा खेल: एक ही जमीन पर दो जमाबंदी, तत्कालीन CO और कर्मचारी की बढ़ी मुश्किलें

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डुमरांव अंचल में बड़ा खेल: एक ही जमीन पर दो जमाबंदी, तत्कालीन CO और कर्मचारी की बढ़ी मुश्किलें

Buxar New: बक्सर जिले के डुमरांव अंचल ऑफिस की कार्यशैली एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. जहां एक ही जमीन पर दो अलग-अलग जमाबंदी कायम करने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है.

Buxar New: बक्सर जिले के डुमरांव अंचल ऑफिस की कार्यशैली एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. जहां एक ही जमीन पर दो अलग-अलग जमाबंदी कायम करने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है.

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Buxar News,(सुजीत ओझा): बक्सर जिले के डुमरांव अंचल ऑफिस की कार्यशैली एक बार फिर से सवालों के घेरे में है. एक ही जमीन पर दो अलग-अलग जमाबंदी कायम करने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है. इस मामले में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, डुमरांव कुमारी मनीषा ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन अंचल अधिकारी CO और संबंधित राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की है.

​लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी का कड़ा आदेश

​शहीद गेट निवासी इल्ताफ हुसैन द्वारा दायर परिवाद (संख्या-530110103022610375) पर सुनवाई करते हुए लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मो. फरीद के नाम पर की गई जमाबंदी पूरी तरह निराधार है. 24 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश ने अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल खोल दी है.

​क्या है पूरा विवाद?

​मामला मौजा डुमरांव थाना संख्या-168, खाता-526, खेसरा-579) से जुड़ा है. जहां यह जमीन मूल रूप से कमालुदीन खां के नाम थी, जो बाद में ऑनलाइन दाखिल-खारिज के जरिए इल्ताफ हुसैन के नाम दर्ज हुई हैं. दूसरी अवैध जमाबंदी इसी जमीन पर भाग-62, पृष्ठ-194 में मो. फरीद और कुरैशी बेगम के नाम से एक फर्जी जमाबंदी कायम कर दी गई थी.

​जांच में पकड़ा गया ‘फर्जीवाड़ा

​जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वो चौंकाने वाले थे। मो. फरीद के नाम की जमाबंदी वाद संख्या-1095/2018-19 के आधार पर ऑफलाइन बनाई गई थी. लेकिन जब ऑनलाइन पोर्टल खंगाला गया, तो पता चला कि यह वाद संख्या असल में नंदलाल यादव के नाम पर स्वीकृत थी। यानी दूसरे के नाम के केस नंबर का इस्तेमाल कर मो. फरीद की अवैध जमाबंदी खड़ी कर दी गई थी।

लापरवाही या मिलीभगत?

​लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि एक ही भूमि की दो अलग-अलग जमाबंदी कायम होना अंचल कार्यालय की भारी लापरवाही और गलत मंशा को दर्शाता है.

​आगे की कार्रवाई

​कुमारी मनीषा ने इस परिवाद को स्वीकार करते हुए आदेश की प्रति DM बक्सर को भेज दी है. अब तत्कालीन CO और राजस्व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है. इस खुलासे के बाद से अंचल कार्यालय के अन्य कर्मियों में भी हड़कंप मचा हुआ है.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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