इलाहाबाद बैंक अव्वल, इंडियन बैंक पीछे

Published at :16 Jul 2013 1:40 PM (IST)
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इलाहाबाद बैंक अव्वल, इंडियन बैंक पीछे

खेती के लिए किसानों को मिल रहा केसीसी के तहत बैंकों से लोनबक्सर : बैंक द्वारा किसानों को सस्ता कृषि लोन मुहैया कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) देने की योजना शुरू हुई. यह योजना जिले के किसानों को समय-समय पर पड़ने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हुई है. लेकिन […]

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खेती के लिए किसानों को मिल रहा केसीसी के तहत बैंकों से लोन
बक्सर : बैंक द्वारा किसानों को सस्ता कृषि लोन मुहैया कराने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) देने की योजना शुरू हुई. यह योजना जिले के किसानों को समय-समय पर पड़ने वाली आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हुई है.

लेकिन विभिन्न बैंकों के केसीसी के आंकड़े को देख कर लगता है कि अभी भी जरूरतमंद किसानों तक केसीसी का फायदा नहीं पहुंच पा रहा है. जानकारी का अभाव व जटिल प्रक्रिया के कारण भोले-भाले किसान केसीसी लोन का फायदा अपनी खेती के कार्यो में नहीं उठा पा रहे हैं.

जिले के विभिन्न बैंकों ने केसीसी लोन देने के लिए खाता खोला, जिसमें इलाहाबाद बैंक ने 92.27 प्रतिशत का टारगेट पूरा कर जिले में अव्वल रहा. वहीं, इंडियन बैंक ने मात्र 10.19 प्रतिशत केसीसी खाता खोल कर सबसे पीछे रहा. ऐसे आधा दर्जन बैंक हैं, जिन्होंने 30 प्रतिशत से कम केसीसी का खाता खोला है.

क्या है केसीसी

किसान क्रेडिट कार्ड योजना का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग व्यवस्था से किसानों को खेती में आनेवाले आर्थिक खर्च में सरल एवं आसान तरीके से आर्थिक सहायता दिलाना है. इससे किसानों को खेती व उपकरणों की खरीद के लिए लोन दिया जाता है.

जब कोई किसान खेती करता है, तो खेत में बीज, सिंचाई, खाद, मजदूरी, कीटनाशक, उपकरण आदि में आये खर्च को बैंक केसीसी के तहत लोन मुहैया कराता है. अत: खेती से फसल की कटाई कर बैंक से लिए लोन को चुकता किया जाता है. इस प्रक्रिया में कम-से-कम छह महीने का समय लगता है.

कैसे करें आवेदन

वैसे किसान जिनके पास अपनी खेती करने लायक जमीन हो. किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा लेने के लिए सबसे पहले बैंक में जमीन का कागज तथा खाता खोलने के लिए आवेदन देना होता है. इस पर फोटो, नाम, पता, भूमि का विवरण, उधार सीमा तथा पहचानकर्ता की सूचना देनी होती है. बैंक लेन-देन के लिए कार्ड सह पासबुक देगा.

बीमा की है सुविधा

केसीसी धारकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पैकेज के तहत किसानों को 50 हजार रुपये तक की बीमा की सुविधा उपलब्ध है. किसान की दुर्घटना में मृत्यु हो जाये तो परिवार को 50 हजार रुपये देने का प्रावधान है.

यदि किसान की दोनों आंख या दो अंग खराब हो जाये तो 50 हजार रुपये मिलेंगे. पॉलिसी की अवधि तीन वर्ष है. सुविधा को लेने के लिए किसान की आयु 70 वर्ष तक है. हालांकि, शारीरिक रूप से खेती कार्य में सक्षम किसान की आयु बढ़ायी जा सकती है.

जागरूकता की कमी

इलाहाबाद बैंक के शाखा प्रबंधक अरविंद कुमार ने बताया कि बैंक की तरफ से केसीसी लोन देने में उदारवादी नीति के बावजूद जिले के किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं. किसानों की उदासीनता के कारण बैंक अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे हैं. किसानों में केसीसी लोन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं. उन्होंने बताया कि कमरपुर के किसानों को केसीसी लोन लेने के लिए गांव में डुगडुगी बजा कर किसानों को जानकारी दी गयी है.

दलालों से होती है परेशानी

इटाढ़ी प्रखंड के गणोश राय, हरेराम, अशोक सिंह, भीम यादव आदि ने बताया कि जानकारी व जटिल प्रक्रिया के कारण इसका लाभ नहीं मिल पाता है. साथ ही दलालों के कारण लोन लेने में अतिरिक्त आर्थिक नुकसान होता है. इससे लोन लेना कठिन लगता है.

हो रहा हरसंभव प्रयास

पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक अंजनी कुमार ने बताया कि जिले में केसीसी लोन मुहैया कराने में बैंक हर संभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने बताया कि बैंक ने 87.66 प्रतिशत लोन मुहैया कराया है. 13275 लोगों को बैंक ने मार्च, 2013 तक 11 लाख 38 हजार एक सौ रुपये मुहैया कराया है. किसानों को केसीसी की जानकारी बैंक के द्वारा विभिन्न पंचायतों में दी जा रही है.
– परवेज आलम –

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