वर्चस्व की लड़ाई में डुमरी रक्तरंजित

Published at :16 Jul 2013 1:39 PM (IST)
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वर्चस्व की लड़ाई में डुमरी रक्तरंजित

बक्सर/ सिमरी : वर्चस्व की लड़ाई में दियरांचल के सिमरी प्रखंड का डुमरी गांव एक बार फिर रक्तरंजित हो गया है. शनिवार की रात मुखिया के देवर नन्हमुटी कुंवर को गोली मारकर भाग रहे एक युवक को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला. गोलीबारी और युवक को मार डालने की घटना के बाद पुन: हिंसा-प्रतिहिंसा […]

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बक्सर/ सिमरी : वर्चस्व की लड़ाई में दियरांचल के सिमरी प्रखंड का डुमरी गांव एक बार फिर रक्तरंजित हो गया है. शनिवार की रात मुखिया के देवर नन्हमुटी कुंवर को गोली मारकर भाग रहे एक युवक को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला.

गोलीबारी और युवक को मार डालने की घटना के बाद पुन: हिंसा-प्रतिहिंसा का दौर शुरू होने की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं. पंचायत चुनाव के बाद से ही गांव में गुटबाजी तेज हो गयी थी. हर गुट एक दूसरे को शह-मात देने में लगा हुआ था. शह-मात के पीछे मुख्य रूप से पंचायत में हर गुट अपना वर्चस्व और दबदबा कायम रखना चाहता था.

पुलिस के अनुसार, शनिवार की रात मुखिया आभा देवी के देवर नन्हमुटी कुंवर अपने दरवाजे पर बैठे हुए थे और उनके साथ अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे. इसी बीच पूर्व योजना के तहत गांव के अपराधी प्रवृत्ति के लंबोदर चौबे अपने एक सहयोगी ओंकार कुंवर को साथ लेकर बाइक से मुखिया के दरवाजे पर पहुंचे और अंधाधुंध गोलियां दागने लगे.

गोली लगने से नन्हमुटी कुंवर जख्मी हो गये. अचानक हुए हमले के कारण ग्रामीण काफी भयभीत हो गये, लेकिन घटना को अंजाम देकर भाग रहे दोनों अपराधियों का ग्रामीणों ने पीछा करना शुरू कर दिया. आगे बालू होने के कारण बाइक स्लिप कर गयी और दोनों गिर पड़े. अपराधी लंबोदर चौबे फायरिंग करते हुए भाग निकला, जबकि ओंकार कुंवर को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मौके पर मार डाला.

ग्रामीणों ने बताया कि बैंक में कार्यरत रहने के बाद भी ओंकार गांव में दबदबा बनाये रखने के लिए अपराधियों को संरक्षण दिया करता था. दबदबा बनाने के उद्देश्य से ही ओंकार लंबोदर के साथ रात्रि समय मुखिया के देवर पर हमला करने के उद्देश्य से गया था. पुलिस के अनुसार, जख्मी नन्हमुटी का भी अपराधिक इतिहास रहा है.

उस पर पुलिस सीसीए भी लगा चुकी है. भाभी के मुखिया बनने के बाद नन्हमुटी ने फिलहाल अपराध से नाता तोड़ लिया था. वहीं, लंबोदर चौबे का भी आपराधिक इतिहास रहा है.

पुलिस का कहना है कि लंबोदर तीन वर्ष पहले बक्सर कोर्ट से फरार हो गया था. उसके खिलाफ भी सिमरी सहित अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. ग्रामीणों ने बताया कि डुमरी गांव में इससे पूर्व भी वर्चस्व को लेकर मिथलेश कुंवर, रामायण कुंवर सहित अन्य पर जानलेवा हमला हो चुका है. साथ ही कई बार दो गुटों के बीच फायरिंग की भी घटनाएं हो चुकी है.

हत्या व गोलीबारी के बाद अपराधी लंबोदर चौबे के फरार होने से गांव के एक गुट में दहशत व्याप्त है. लोगों को इस बात की आशंका है कि लंबोदर अपने सहयोगी ओंकार की हत्या के प्रतिशोध में हिंसक वारदात को अंजाम दे सकता है. हमले की आशंका को लेकर पुलिस गांव में कैंप कर रही है.

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