उपभोक्ता डीबीटीएल फॉर्म भरने में नहीं दिखा रहे रुचि

Published at :19 Feb 2015 2:51 AM (IST)
विज्ञापन
उपभोक्ता डीबीटीएल फॉर्म भरने में नहीं दिखा रहे रुचि

इंडेन गैस एजेंसी के 50 प्रतिशत उपभोक्ता ही जुट पाये योजना से बक्सर शहर में दो गैस एजेंसियां हैं. इन दोंनो ही गैस एजेंसियों के पास लगभग 39 हजार उपभोक्ता हैं. डीबीटीएल योजना को लेकर इन उपभोक्ताओं में फॉर्म भरने को लेकर अब धीरे-धीरे उदासीनता बढ्ते जा रही है. इंडेन गैस एजेंसी के पास कुल […]

विज्ञापन
इंडेन गैस एजेंसी के 50 प्रतिशत उपभोक्ता ही जुट पाये योजना से
बक्सर शहर में दो गैस एजेंसियां हैं. इन दोंनो ही गैस एजेंसियों के पास लगभग 39 हजार उपभोक्ता हैं. डीबीटीएल योजना को लेकर इन उपभोक्ताओं में फॉर्म भरने को लेकर अब धीरे-धीरे उदासीनता बढ्ते जा रही है. इंडेन गैस एजेंसी के पास कुल 21 हजार उपभोक्ता हैं, जिनमें से मात्र 10 हजार उपभोक्ता ही अब तक डीबीटीएल फॉर्म भर पाये हैं.
बक्सर : डीबीटीएल फॉर्म जमा करने की रफ्तार अब काफी धीमी पड़ गयी है.भारत गैस व इंडेन गैस एजेंसी में डीबीटीएल फॉर्म जमा करनेवालों की संख्या कम हो गयी है. इंडेन गैस एजेंसी में यह रफ्तार काफी धीमी है. कुल 21 हजार उपभोक्ताओं में अब तक 10 हजार उपभोक्ता ही डीबीटीएल से जुड़ सके हैं. वहीं, कुंवर ज्योति भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि कुल 18 हजार के करीब हमारे यहां उपभोक्ता हैं. इनमें से लगभग 85 प्रतिशत यानी 15 हजार तीन सौ उपभोक्ता डीबीटीएल फॉर्म जमा कर योजना से सीधे जुड़ गये हैं, लेकिन 15 प्रतिशत ग्राहक अभी भी इस योजना से नहीं जुड़ पाये हैं. वहीं, कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि डीबीटीएल फॉर्म जमा करने के बाद भी फॉर्म इंट्री नहीं हुई है. ऐसे में एजेंसी पुन: उपभोक्ताओं से डीबीटीएल फॉर्म जमा करने की बात कह रही है, जिससे लोगों को कई तरह की परेशानी हो रही है.
ढाई हजार कनेक्शनों का हुआ ट्रांसफर
डीबीटीएल योजना की शुरुआत होने से वैसे उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी हुई, जिन्होंने एक नाम से दो या उससे अधिक कनेक्शन लिया था. दरअसल डीबीटीएल योजना के तहत सभी को गैर सब्सिडीवाला ही सिलिंडर देने का प्रावधान है. ऐसे एक ही व्यक्ति का जब बैंक डिटेल एजेंसी को सौंपा जाता है, तो इस बात का पता चल जाता है कि व्यक्ति ने अपने नाम से एक से अधिक कनेक्शन लिया है. दूसरी ओर यदि किसी ने अपने परिचित के नाम से कनेक्शन लिया हो, तो ऐसे में सब्सिडी की राशि जो बैंक एकाउंट में देय है.उसके लिए लोग सीधे कनेक्शन को ट्रांसफर करा रहे हैं. भारत गैस एजेंसी में लगभग दो हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ट्रांसफर कराया है.
फॉर्म जमा करने के बाद भी लोग हैं परेशान
उपभोक्ता हरि शंकर प्रसाद,अशोक कुमार,जग्गु आदि ने बताया कि वे डीबीटीएल फॉर्म जमा कर चुके हैं, लेकिन एजेंसी उनसे योजना से लिंक अप नहीं होने की बात कह कर पुन: उपभोक्ताओं से डीबीटीएल फॉर्म जमा करने की बात कह रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
क्या कहते हैं प्रबंधक
कुंवर ज्योति भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि डीबीटीएल योजना के तहत लगभग सारे उपभोक्ता जुड़ चुके हैं. हालांकि कुछ उपभोक्ताओं ने अब तक फॉर्म जमा नहीं किया है.निष्क्रिय कनेक्शन ही शेष बचे हुए हैं.वहीं,इंडेन गैस एजेंसी के स्थानीय प्रबंधक रवींद्र कुमार ने बताया कि डीबीटीएल फॉर्म जमा करने की रफ्तार धीमी हो गयी है.उपभोक्ताओं से संपर्क कर फॉर्म को जल्द-से-जल्द से जमा करने के लिए कहा जा रहा है.
डिलिवरी ब्वॉय की हो गयी छुट्टी
जानकारों की माने, तो गैस की कालाबारी में सबसे चर्चित नाम डिलिवरी ब्वॉय से लोगों को राहत मिल गयी है.दरअसल डिलिवरी ब्वॉय वैसे उपभोक्ताओं से पासबुक को लेकर गैस का उठाव कर होटलों, रेस्टूरेंट, ढाबा में मोटी रकम में बिक्री कर देते थे, जिनके पास एक से अधिक से कनेक्शन था. इसके एवज में डिलेवरी ब्वॉय पासबुक मालिक को भी कुछ हिस्सा देते थे, लेकिन डीबीटीएल योजना के बाद कोई भी डिलिवरी ब्वॉय उपभोक्ताओं से पासबुक नहीं मांग रहा. चूंकि अब सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में चला जाता है, जिससे डिलिवरी ब्वॉय पासबुक लेने से पीछे हट रहे हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन