भूजल स्तर खिसकने से शहर के अधिकांश हैंडपंप सूखे, इधर सूख रहे कंठ

Updated at : 03 May 2019 6:35 AM (IST)
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भूजल स्तर खिसकने से शहर के अधिकांश हैंडपंप सूखे, इधर सूख रहे कंठ

बक्सर : पानी के दोहन के चलते भूजल स्तर लगातार गिर रहा है. स्थिति यह हो गयी है कि शहर के कई क्षेत्रों के हैंडपंप सूख गये हैं तो कई नलकूप गर्मी पड़ते ही जवाब देने लगे हैं. शहरी इलाके की स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है. पिछले चार वर्ष में एक से दो […]

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बक्सर : पानी के दोहन के चलते भूजल स्तर लगातार गिर रहा है. स्थिति यह हो गयी है कि शहर के कई क्षेत्रों के हैंडपंप सूख गये हैं तो कई नलकूप गर्मी पड़ते ही जवाब देने लगे हैं. शहरी इलाके की स्थिति दिन-प्रतिदिन भयावह होती जा रही है. पिछले चार वर्ष में एक से दो मीटर तक जल स्तर नीचे खिसका है. ऐसे में समस्या को दूर करने के लिए लोगों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है.

वहीं शहर के ऐसे इलाके हैं जहां जलापूर्ति वाले पाइप फटे होने के कारण प्रतिदिन लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रही है. विभाग यह जानते हुए भी अंजान बना हुआ है. पेयजल संकट होने से शहरवासियों की परेशानियां बढ़ गयी है.तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों की हलक भी सूख रहे हैं.शहर के कई इलाकों में लोग जल संकट से जूझ रहे हैं.कहीं पानी नहीं आ रहा है तो कहीं पानी बर्बाद हो रहा है.
साहब को नहीं पता है कितने सूख चुके हैं चापाकल
शहर में एक दर्जन से अधिक चापाकल गर्मी के कारण सूख गये हैं. इस कारण शहरवासी परेशान हैं. मगर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी रोहित कुमार वर्मा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि शहर में कुल कितने चापाकल लगे हैं.इसमें कितने चालू हालत में हैं और कितने खराब हैं.इस बाबत उन्होंने किसी प्रकार की जानकारी देने से इन्कार कर दिया.
सरकार को भेजी गयी है रिपोर्ट
पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता परमानंद प्रसाद ने बताया कि भूजल स्तर नीचे खिसकने की रिपोर्ट सरकार को भेज दी गयी है.पानी को रिचार्ज करने की जरूरत है.इसके लिए जो पानी मिल रहा है. उसे रिचार्ज कराया जा रहा है.गर्मी के कारण पानी का जल स्तर नीचे खिसका है.
उधर हजारों लीटर पानी हो रहा बर्बाद
केसठ : गर्मी के कारण क्षेत्र के लोग पानी के लिए बेहाल है. पानी का जल स्तर नीचे चला गया है. पानी की समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने लाखों रुपये की लागत से प्रखंड परिसर में जलमीनार का निर्माण कराया है. केसठ समेत प्रखंड के विभिन्न गांवों में पाइप बिछाकर जगह- जगह दर्जनों नल तो लगवा दिये हैं.
परंतु नल में टोटी नहीं लगायी है. इसके कारण रोज हजारों लीटर पानी बेकार बह जाता है. इसको लेकर विभाग ने अब तक कोई पहल नहीं की है. नया बजार , पुराना बाजार ,प्रखंड रोड समेत अन्य मुहल्लों के अलावा विभिन्न गांवों में नलों से बेकार पानी बह रहा है. जहां से रोजाना अधिकारी भी गुजरते है.
परंतु किसी नजर नहीं जाती है . कई जगहों पर समाजसेवियों के पहल पर टोटी लगाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि रोज पानी बेकार बहता रहा तो आने वाले समय में लोग पानी के लिए तरस जायेंगे. इसको लेकर विभाग उदासीन बना हुआ है.
विभागीय लापरवाही से बर्बाद हो रहा पानी
एक-एक बूंद पानी की बचत करें स्लोगन नगर में बेमानी साबित हो रहा है. नगर के बीचों-बीच ज्योति प्रकाश चौक पर पिछले तीन माह से भूमिगत बिछाये गये पीने के पानी वाले पाइप से रिसाव के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बहने से बर्बाद हो रहा है़
विभाग को जानकारी देने के बाद भी अबतक कोई पहल नहीं की गयी है़ जिसके कारण प्रतिदिन जीवन के अनमोल पानी नालियों में बह रहा है़ इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने विभाग को पिछले तीन माह में कई बार दिया है़
लेकिन विभाग के कान पर अब तक जूं नहीं रेंगा है़ न केवल पानी बर्बाद हो रहा है बल्कि घरों तक स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाने का भी विभागीय दावा खोखला साबित हो रहा है़ एक ओर जिले में गिरते जलस्तर से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है वहीं विभागीय अधिकारी हजारों लिटर प्रतिदिन बहने वाले पानी के प्रति लापरवाह बने हुए हैं.
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