मिसाइल हमले में अमेरिका के 5 रिफ्यूलिंग प्लेन तबाह, सऊदी अरब में ईरान का एक्शन

Updated at : 14 Mar 2026 8:04 AM (IST)
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Us air force planes damaged iranian missile strike saudi arabia

अमेरिकी एयरफोर्स के रिफ्यूलिंग प्लेन्स

US Air Force: सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान ने मिसाइलों से हमला किया है. इस हमले में अमेरिकी एयरफोर्स के 5 रिफ्यूलिंग प्लेन्स (ईंधन भरने वाले विमान) को काफी नुकसान पहुंचा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ये प्लेन जमीन पर खड़े थे, तभी इन्हें निशाना बनाया गया. हालांकि, ये पूरी तरह बर्बाद नहीं हुए हैं और फिलहाल इनकी मरम्मत की जा रही है. राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है.

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US Air Force: इस हमले से ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को पश्चिमी इराक में अमेरिका का एक KC-135 रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया. अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को कन्फर्म किया कि इस हादसे में क्रू के सभी 6 सदस्यों की मौत हो गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब दो विमान ‘फ्रेंडली एयरस्पेस’ में थे. इनमें से दूसरा विमान सुरक्षित तरीके से इजरायल में लैंड कर गया. सेना का कहना है कि यह क्रैश किसी दुश्मन के हमले या अपनी ही गोलीबारी की वजह से नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही है.

28 फरवरी से अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई

इराक में हुई इन मौतों के साथ ही, 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी ऑपरेशन में अब तक कुल 13 सर्विस मेंबर्स मारे जा चुके हैं. इससे पहले कुवैत के पोर्ट शुऐबा और सऊदी अरब में हुए ड्रोन हमलों में 7 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके थे. इसके अलावा, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस जंग में अब तक करीब 150 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं.

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पुराने विमानों के भरोसे अमेरिकी मिशन

अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने पेंटागन में कहा कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा. उन्होंने इस क्रैश को दुखद बताया. जिस KC-135 टैंकर का इस्तेमाल अमेरिका कर रहा है, उसे बोइंग कंपनी ने 1950 और 60 के दशक में बनाया था. ये विमान अमेरिकी एयरफोर्स की रीढ़ माने जाते हैं क्योंकि इन्हीं की वजह से फाइटर जेट्स को बिना जमीन पर उतरे हवा में ही ईंधन मिल जाता है.

बढ़ता जा रहा है तनाव

इस विमान हादसे की जिम्मेदारी इराक के एक संगठन ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस’ ने ली है, जिसे ईरान का समर्थन हासिल है. वहीं दूसरी ओर, गुरुवार को ही अमेरिकी नेवी के जहाज ‘यूएसएस जेराल्ड फोर्ड’ में आग लगने से दो नाविक घायल हो गए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य बड़े अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि तेहरान (ईरान) के पलटवार की वजह से इस संघर्ष में और भी अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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