सरायकेला में 'छऊ महोत्सव' का शंखनाद, 11 से 13 अप्रैल तक सजेगा राजकीय मंच, पद्मश्री कलाकारों का होगा सम्मान

Updated at : 13 Mar 2026 10:13 PM (IST)
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Seraikela Chhau Mahotsav 2026

बैठक में शामिल लोग

Seraikela Chhau Mahotsav 2026: सरायकेला में 11 से 13 अप्रैल तक राजकीय छऊ महोत्सव का आयोजन होगा. 5 अप्रैल से भैरव पूजा के साथ चैत्र पर्व की शुरुआत होगी. महोत्सव में पद्मश्री अवार्डी कलाकारों को सम्मानित किया जायेगा और ग्रामीण छऊ दलों के बीच प्रतियोगिता होगी.

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Seraikela Chhau Mahotsav 2026, सरायकेला (प्रताप मिश्रा): सरायकेला में 11 से 13 अप्रैल तक चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव का भव्य आयोजन किया जायेगा. इस महोत्सव में सरायकेला, खरसावां और मानभूम शैली के छऊ नृत्य के साथ-साथ अन्य राज्यों की लोक कलाओं का भी संगम देखने को मिलेगा. आयोजन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय सरायकेला में बैठक आयोजित की गयी, जिसकी अध्यक्षता अभिनव प्रकाश ने की. बैठक में महोत्सव को भव्य रूप से आयोजित करने और पारंपरिक रूप से पूजा संपन्न कराने का निर्णय लिया गया.

बैठक में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष सह आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज चौधरी, प्रताप आदित्य सिंहदेव, बीडीओ यस्मिता सिंह, कला केंद्र के समन्वयक सुदीप कवि, एसोसिएशन के सचिव भोला महांती, विधायक प्रतिनिधि सानद आचार्य, अधिवक्ता के.पी. दुबे, कलाकार ब्रजेंद्र पट्टनायक, खेल पदाधिकारी अमित कुमार, आशीष कर, निवारण महतो और बाउरी बंधु महतो सहित बड़ी संख्या में कलाकार मौजूद थे.

पद्मश्री अवार्डी कलाकारों को किया जायेगा सम्मानित

बैठक में यह भी तय किया गया कि महोत्सव के दौरान सरायकेला छऊ से जुड़े पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जायेगा. इसके अलावा विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित छऊ गुरुओं और कलाकारों को भी मंच पर सम्मान दिया जायेगा.

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पांच अप्रैल से भैरव पूजा के साथ होगी शुरुआत

चैत्र पर्व की शुरुआत 5 अप्रैल को भैरव पूजा से होगी. स्थानीय भैरव स्थान पर पूजा-अर्चना के बाद अगले दिन शुभ घट लाया जायेगा. इसके तहत 9 अप्रैल को झुमकेश्वरी पूजा, 10 अप्रैल को यात्रा घाट, 11 अप्रैल को वृंदावनी घट, 12 अप्रैल को गौरयाभार घट और 13 अप्रैल को कालिका घट की पूजा होगी. 14 अप्रैल को पाट संक्रांति के साथ पर्व का समापन किया जायेगा.

ग्रामीण छऊ दलों की होगी प्रतियोगिता

महोत्सव के तहत 6 से 8 अप्रैल तक ग्रामीण छऊ नृत्य दलों की प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी. 6 अप्रैल को सरायकेला शैली, 7 अप्रैल को मानभूम शैली और 8 अप्रैल को खरसावां शैली के नृत्य दलों के बीच प्रतियोगिता होगी. आयोजन समिति का कहना है कि इस महोत्सव से क्षेत्रीय कला और कलाकारों को नया मंच मिलेगा.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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