नालंदा में नर्सिंग-पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों का हंगामा, परीक्षा परिणाम-फीस को लेकर सड़क पर उतरे विद्यार्थी
हंगामा करते छात्र | Prabhat Khabar Network
बिहारशरीफ के गौतम इंस्टीट्यूट में छात्रों ने परीक्षा परिणाम और अवैध फीस वसूली को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन. कॉलेज प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप.
Student Protest : नालंदा के बिहारशरीफ में भागन बीघा स्थित गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं का आक्रोश बुधवार को सड़क पर उतर आया. परीक्षा परिणाम, कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और अतिरिक्त शुल्क वसूली के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. छात्रों ने कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की. सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू हुआ विरोध देर शाम तक जारी रहा.
प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद भागन बीघा, चेरो, वेना और रहुई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और कॉलेज प्रबंधन के साथ बातचीत के जरिए मामले को शांत कराने का प्रयास किया. हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर ठोस निर्णय की मांग को लेकर प्रदर्शन करते रहे.
परीक्षा परिणाम ने बढ़ाया छात्रों का गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के अनुसार बीएससी नर्सिंग के पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा जनवरी में हुई थी. हाल में परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अनुत्तीर्ण होने का दावा किया जा रहा है. छात्रों का कहना है कि करीब 80 से 90 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में फेल हुए हैं.
कुछ विद्यार्थियों ने बेहद कम अंक मिलने की बात भी कही. इसके बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई. विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम को लेकर सवाल उठाने के साथ कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए.
छात्रों का कहना है कि यदि नियमित पढ़ाई और पर्याप्त शैक्षणिक सहयोग मिलता तो इतने बड़े स्तर पर विद्यार्थियों के असफल होने की स्थिति नहीं बनती. इसी मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन से जवाब और समाधान की मांग की.
लाखों की फीस, फिर भी पढ़ाई और लैब पर सवाल
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई के लिए उनसे लाखों रुपये शुल्क लिया जाता है, लेकिन इसके अनुपात में कॉलेज में शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. छात्रों के अनुसार नियमित कक्षाओं के संचालन, पर्याप्त शिक्षकों और प्रयोगशाला की व्यवस्था को लेकर लगातार परेशानी बनी हुई है.

विद्यार्थियों का आरोप है कि कॉलेज के रिकॉर्ड में शिक्षकों की संख्या अधिक दिखाई जाती है, लेकिन नियमित रूप से पढ़ाई कराने के लिए मौके पर काफी कम शिक्षक उपलब्ध रहते हैं. छात्रों ने यह भी कहा कि प्रयोगशाला की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं होती हैं.
अपनी समस्याओं को लेकर छात्रों को बार-बार कॉलेज कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. विद्यार्थियों ने प्राचार्य के बदलाव को लेकर भी प्रशासनिक अस्थिरता का आरोप लगाया और कहा कि इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है.
परीक्षा केंद्र के नाम पर 80 हजार रुपये तक लेने का आरोप
प्रदर्शन के दौरान बीफार्मा के छात्र शशि राज ने कॉलेज प्रबंधन पर परीक्षा से जुड़ी अतिरिक्त राशि वसूलने का आरोप लगाया. उनका दावा है कि परीक्षा केंद्र के नाम पर विद्यार्थियों से 80 हजार रुपये तक की अतिरिक्त नकद राशि ली गई.
छात्रों का कहना है कि कथित तौर पर ली गई इस राशि के बदले उन्हें रसीद भी नहीं दी गई. विद्यार्थियों ने कहा कि कई परिवारों ने कर्ज लेकर या अपनी जमा पूंजी खर्च कर कॉलेज की फीस जमा की है. ऐसे में परीक्षा के समय अतिरिक्त राशि देने के बावजूद यदि परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर समस्याएं बनी रहें, तो छात्रों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह का संकट खड़ा हो जाता है.
हालांकि, अतिरिक्त शुल्क वसूली से जुड़े इन आरोपों पर कॉलेज प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है.
कॉलेज प्रबंधन को आवेदन देकर रखी मांगें
आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी विभिन्न मांगें रखीं. विद्यार्थियों ने मांग की कि यदि री-एग्जाम की जरूरत पड़ती है तो उसका शुल्क कॉलेज प्रबंधन वहन करे. इसके साथ ही छात्रों ने अतिरिक्त रूप से ली गई राशि वापस करने की मांग भी रखी.
विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति, सभी विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित करने और प्रयोगशाला को पर्याप्त सुविधाओं से लैस करने की मांग की. छात्रों का कहना है कि उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए.
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा.
पुलिस ने संभाला मोर्चा, बातचीत से समाधान की कोशिश
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. साथ ही कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की गई.
प्रदर्शन के दौरान मुख्य गेट बंद रहने के कारण कॉलेज परिसर में गतिविधियां भी प्रभावित रहीं. पुलिस की मौजूदगी में छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच बातचीत के प्रयास किए गए, ताकि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके.
प्राचार्य से नहीं मिल सकी प्रतिक्रिया
छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य विनोद कुमार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया. हालांकि, उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
ऐसे में परीक्षा परिणाम, शैक्षणिक व्यवस्था और अतिरिक्त शुल्क वसूली से जुड़े छात्रों के आरोपों की स्थिति कॉलेज प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन और उनकी मांगें कॉलेज प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं.
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By Prabhat Khabar News Desk
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