मधुमक्खी पालन के लिए पहले आओ व पहले पाओ के आधार पर होगा नामांकन

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ऐसे बेरोजगार युवक युवतियों को दस दिनों तक सरकारी खर्चे पर नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए एक बार फिर शिडयूल बनाया जा रहा है. इसके लिए प्रशिक्षण के इच्छुक बेरोजगार युवक युवती जिला कृषि कार्यालय स्थित आत्मा कार्यालय में अपना आवेदन दे सकते हैं.

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बिहारशरीफ.

मधुमक्खी पालन में स्वरोजगार के लिए इच्छुक बेरोजगार युवक युवतियों के लिए एक अच्छी खबर है. मजे की बात यह है कि जहां प्रशिक्षण के लिए ऐसे इच्छुक युवक युवतियों को एक फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं करनी पड़ेगी, वहीं उद्यान विभाग द्वारा चलायी जा रही विशेष योजना के अंतर्गत ऐसे बेरोजगारों को मधुमक्खी पालन के उपकरणों के लिए निर्धारित अनुदान भी उपलब्ध कराया जायेगा. जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में स्वरोजगार करने एवं कॅरियर बनाने वाले इच्छुक लोगों को उद्यान विभाग, नालंदा निरंतर प्रोत्साहित करने में जुटा है. ऐसे बेरोजगार युवक युवतियों को दस दिनों तक सरकारी खर्चे पर नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए एक बार फिर शिडयूल बनाया जा रहा है. इसके लिए प्रशिक्षण के इच्छुक बेरोजगार युवक युवती जिला कृषि कार्यालय स्थित आत्मा कार्यालय में अपना आवेदन दे सकते हैं.

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा नामांकन :

आत्मा के परियोजना उप निदेशक अविनाश कुमार ने बताया कि मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण बिहार कौशल विकास मिशन अंतर्गत दिया जायेगा. यह प्रशिक्षण दस दिनों का होगा. प्रशिक्षण के लिए आवेदन जमा लिया जा रहा है. एडमिशन पहले आओ व पहले पाओं के आधार पर लिया जायेगा. 30-30 का बैच बनाकर प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के दौरान मधुमक्खी पालन से जुड़ी बारीकियों एवं शहर उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं से अवगत कराया जायेगा. इसमें उपयुक्त उपकरणों के बारे में भी प्रशिक्षणार्थी जान सकेंगे. सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जायेगा.

उपकरणों पर 75 से 90 फीसदी तक अनुदान :

उद्यान विभाग, नालंदा के सहायक निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग द्वारा एक विशेष योजना चलायी जा रही है. इस योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन के लिए इच्छुक और प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को 75 से 90 फीसदी तक अनुदान दिये जाने का प्रावधान है. इसमें से सामान्य वर्ग के लिए 75 प्रतिशत जबकि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए 90 फीसदी अनुदान दिया जायेगा. यह अनुदान विभिन्न उपकरणों की खरीद के लिए उपलब्ध कराया जाता है. मधुमक्खी पालन को लोग स्वरोजगार के तौर पर अपना सकते है. इसमें कैरियर की भी काफी संभावना है. लेकिन इसके लिए प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक प्राप्त करने और इस क्षेत्र में दक्ष बनने की जरूरत है.

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