Bihar News: बिहार के हर पंचायत में बनेगा 15 एकड़ का प्रॉफिट जोन, टमाटर-मिर्च-लहसुन से बढ़ेगी किसानों की आय

Updated at : 06 Jan 2026 2:07 PM (IST)
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Bihar News: बिहार के हर पंचायत में बनेगा 15 एकड़ का प्रॉफिट जोन, टमाटर-मिर्च-लहसुन से बढ़ेगी किसानों की आय

AI जनरेटेड इमेज प्रतीकात्मक तस्वीर

Bihar News: खेती अब सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का मजबूत जरिया बनने जा रही है. बिहार में क्लस्टर आधारित खेती के जरिए सरकार किसानों को नकद आय और बाजार से सीधा जुड़ाव देने की तैयारी में है.

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Bihar News: बिहार की खेती एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. राज्य सरकार अब परंपरागत फसलों से आगे बढ़कर कैश क्रॉप्स पर जोर दे रही है. इसी कड़ी में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने टमाटर, मिर्च और लहसुन की क्लस्टर आधारित खेती को किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी मॉडल बताया है. उनका कहना है कि यह पहल न सिर्फ लघु और सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाएगी, बल्कि बिहार को अंतर्राज्यीय व्यापार और निर्यात के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी.

पंचायत स्तर पर बनेगा खेती का नया ढांचा

कृषि मंत्री के अनुसार, क्लस्टर आधारित खेती के तहत प्रत्येक पंचायत में करीब 15 एकड़ क्षेत्रफल का एक सुव्यवस्थित कृषि क्लस्टर विकसित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य यह है कि किसान अलग-थलग खेती करने के बजाय समूह में एक जैसी फसल उगाएं, ताकि उत्पादन, गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच तीनों में मजबूती आए. टमाटर, मिर्च और लहसुन जैसी फसलें कम समय में अधिक मुनाफा देती हैं और बाजार में इनकी मांग भी लगातार बनी रहती है.

परंपरागत खेती से कई गुना अधिक मुनाफा

राम कृपाल यादव का कहना है कि फसलें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सीधे नकद आय देने वाली फसलें हैं. पारंपरिक अनाज फसलों की तुलना में इनमें लागत के मुकाबले शुद्ध आमदनी कई गुना अधिक होती है. यही वजह है कि राज्य सरकार कैश क्रॉप आधारित कृषि मॉडल को अपनी प्राथमिकता बना रही है, ताकि किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें.

केंद्र और राज्य की संयुक्त पहल

यह योजना प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में लागू की गई है. यह रैयत और गैर-रैयत, दोनों तरह के किसानों के लिए समान रूप से उपलब्ध है. मंत्री ने कहा कि बिहार की उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु और मेहनती किसान इस योजना की सफलता की मजबूत नींव हैं. केंद्र सरकार के सहयोग और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में राज्य का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि लाभकारी कृषि का भागीदार बनाना है.

बाजार, तकनीक और पारदर्शिता का साथ

इस कार्यक्रम के तहत किसानों को उन्नत और जलवायु-अनुकूल बीज, वैज्ञानिक तकनीकी मार्गदर्शन, प्रसंस्करण और भंडारण की सुविधा दी जा रही है. साथ ही किसान उत्पादक संगठनों के जरिए उन्हें संगठित बाजार से जोड़ा जा रहा है, ताकि उपज का उचित और स्थिर मूल्य मिल सके. डीबीटी प्रणाली, जियो-टैगिंग और नियमित सत्यापन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ सही किसानों तक पहुंचे.

बिहार की खेती की नई दिशा

कृषि मंत्री का मानना है कि टमाटर, मिर्च और लहसुन की क्लस्टर आधारित खेती बिहार की कृषि को आय, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाई तक ले जाएगी. यह पहल आने वाले वर्षों में राज्य को उद्यानिकी आधारित कैश क्रॉप उत्पादन का मजबूत केंद्र बना सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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