राज्यसभा चुनाव के बाद विधान परिषद की जंग, क्या दीपक प्रकाश बनेंगे MLC?

Updated:
विज्ञापन

विधान परिषद

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Bihar News: बिहार की राजनीति में आने वाले महीनों में विधान परिषद चुनाव हलचल पैदा कर सकती हैं. 2026 में कुल 17 सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें जून में 9 सीटें खाली होंगी और एक सीट पर उपचुनाव होगा. इन सीटों के लिए राजनीतिक दलों ने अभी से अपने समीकरण बैठाने शुरू कर दिए हैं.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार की सियासत में राज्यसभा चुनाव का शोर अभी थमा भी नहीं था कि अब विधान परिषद (MLC) की खाली हो रही सीटों ने राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.

विज्ञापन

साल 2026 बिहार के सियासी दिग्गजों के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होने वाला है, क्योंकि इस साल विधान परिषद की कुल 17 सीटें खाली हो रही हैं. सबसे ज्यादा चर्चा उस एक ‘उपचुनाव’ वाली सीट की है, जिस पर बिहार के एक कद्दावर मंत्री दीपक प्रकाश की दावेदारी ने हलचल तेज कर दी है.

जून में खाली होंगी 9 सीटें, बदलेगा सियासी गणित

बिहार विधान परिषद की 9 महत्वपूर्ण सीटें 28 जून 2026 को खाली होने जा रही हैं. इनमें राजद के सुनील कुमार सिंह और मोहम्मद फारुक, जदयू के गुलाम गौस, भीष्म सहनी और कुमुद वर्मा, भाजपा के संजय मयूख और कांग्रेस के समीर कुमार सिंह जैसे दिग्गजों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इसके अलावा दो सीटें पहले से ही रिक्त हैं.

अप्रैल के अंत तक इनका नोटिफिकेशन आने की संभावना है, लेकिन बिसात अभी से बिछाई जाने लगी है. अंकगणित कहता है कि एक एमएलसी चुनने के लिए करीब 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी, जिससे राजद, भाजपा और जदयू के बीच सीटों का बंटवारा बेहद रोमांचक होने वाला है.

नवंबर में फिर खाली होंगी 8 सीटें

साल 2026 में जून के बाद नवंबर में भी विधान परिषद की 8 सीटें खाली होंगी. इनमें 4 सीटें स्नातक कोटे और 4 सीटें शिक्षक कोटे की हैं.

स्नातक कोटे की सीटों में निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी और सर्वेश कुमार, जदयू के नीरज कुमार और भाजपा के नरेंद्र कुमार का कार्यकाल समाप्त होगा. वहीं शिक्षक कोटे की सीटों में भाजपा के नंद किशोर यादव, कांग्रेस के मदन मोहन झा, जनसुराज के अफाक अहमद और सीपीआई के संजय कुमार सिंह का कार्यकाल खत्म होगा.

इस तरह साल भर में कुल 17 सीटों पर चुनाव होने से बिहार की राजनीति में लगातार हलचल बनी रहेगी.

जून चुनाव का गणित- किसके खाते में कितनी सीट?

जून में होने वाले चुनाव में कुल 9 सीटों के लिए विधायकों की संख्या के आधार पर गणित तय होगा. अनुमान के मुताबिक करीब 25 विधायक मिलकर एक एमएलसी को विधान परिषद भेज सकते हैं.

मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखें तो एक सीट राजद के खाते में जाती दिख रही है, जबकि एक सीट लोजपा (रामविलास) के हिस्से में मानी जा रही है. बाकी सीटों पर एनडीए के भीतर जदयू और भाजपा के बीच समझौते के आधार पर सीटों का बंटवारा होने की संभावना है.

अगर राज्यसभा की तीसरी सीट भाजपा को मिलती है तो एमएलसी चुनाव में जदयू के खाते में चार और भाजपा के खाते में तीन सीटें जा सकती हैं.

उपचुनाव की सीट पर नजरें

विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव भी होना है. यह सीट भाजपा नेता मंगल पांडेय के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई है. उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में सिवान सीट से जीत हासिल की थी.

इस सीट पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया जा सकता है. एनडीए के भीतर इस पर सहमति बनने की संभावना है.

Also Rrad: पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने बढ़ाई धाराएं, अब इस एंगल से भी होगी जांच

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन