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बिहार में ड्रग्स पर लगेगी लगाम, हर जिले में खुलेगा नारकोटिक्स थाना

Updated at : 04 Mar 2026 2:13 PM (IST)
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Bihar News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार सरकार ने ड्रग्स और शराब के अवैध कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है. साइबर थानों की तर्ज पर अब राज्य के हर जिले में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण (नारकोटिक्स) ब्यूरो का अपना विशेष थाना होगा. इस कदम से न सिर्फ नशे के नेटवर्क पर शिकंजा कसेगा, बल्कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच भी सुपरफास्ट मोड में होगी.

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Bihar News: बिहार सरकार ने हाल ही में आर्थिक अपराध इकाई और सीआईडी से अलग कर मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया है. अब इस नवगठित ब्यूरो को जिला स्तर तक मजबूत करने की तैयारी चल रही है.

साइबर थानों की तर्ज पर राज्य के हर जिले में नारकोटिक्स थाना खोला जाए, ताकि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच तेज हो और अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाई जा सके.

राज्य से जिले तक- एक नई कमांड स्ट्रक्चर

हाल ही में राज्य सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई से नारकोटिक्स और सीआईडी से मद्य निषेध इकाई को अलग कर एक नई संरचना तैयार की है. यह नवगठित ब्यूरो शराब और सूखे नशे दोनों के खिलाफ कार्रवाई करेगा. राज्यस्तरीय थाने को मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि अधिसूचना की प्रक्रिया जारी है. इसी वजह से फिलहाल नारकोटिक्स से जुड़े केस आर्थिक अपराध इकाई में ही दर्ज हो रहे हैं.

लेकिन अब फोकस जिला स्तर पर है. हर जिले में अलग नारकोटिक्स थाना खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे जांच की रफ्तार और निगरानी दोनों को धार मिलेगी.

एडीजी की सीधी निगरानी, 218 टास्क फोर्स एक कमांड में

नया ब्यूरो एडीजी (मद्य निषेध) के नेतृत्व में मिशन मोड पर काम कर रहा है. राज्यभर में जिला और अनुमंडल स्तर पर काम कर रही 218 एंटी लीकर टास्क फोर्स (ALTF) अब इसी ब्यूरो के नियंत्रण में होंगी. यानी शराब और ड्रग्स के खिलाफ अभियान का पूरा रिमोट कंट्रोल एक ही कमांड के पास रहेगा.

सरकार ने इस मिशन को मजबूत करने के लिए 88 नए पद सृजित किए हैं. इसके अलावा 229 पुराने पदों का हस्तांतरण तेजी से किया जा रहा है. संविदा के आधार पर विशेषज्ञों की भर्ती की भी तैयारी है, ताकि तकनीकी और खुफिया स्तर पर ड्रग नेटवर्क को तोड़ा जा सके.

तकनीकी अड़चनें जल्द दूर, कार्रवाई होगी सीधी

फिलहाल राज्यस्तरीय थाने की अधिसूचना लंबित होने के कारण केस दर्ज करने में तकनीकी बाधा है. लेकिन जैसे ही जिला स्तर पर थाने सक्रिय होंगे, बिहार पुलिस को ड्रग पेडलर्स और बड़े सिंडिकेट के खिलाफ सीधी और त्वरित कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा.

जल्द ही जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर नए आदेश जारी होंगे. माना जा रहा है कि यह कदम बिहार में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई साबित हो सकता है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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