बिहार में फिर शुरू होगा फार्मर रजिस्ट्री अभियान, 12 से 30 जून तक बनेंगे किसानों के डिजिटल ID

Published by :Paritosh Shahi
Published at :11 May 2026 8:49 PM (IST)
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AI फोटो

Bihar Farmer Registry: बिहार सरकार किसानों की डिजिटल पहचान मजबूत करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को फिर तेज करने जा रही है. 12 जून से 30 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान में राज्यभर के बचे किसानों का फार्मर आईडी बनाया जाएगा, जिससे पीएम-किसान, फसल बीमा, और अन्य योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा.

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Bihar Farmer Registry: बिहार सरकार किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान को एक बार फिर बड़े स्तर पर शुरू करने जा रही है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि राज्य में अधूरे फार्मर आईडी के कामों को तेजी से पूरा करने के लिए 12 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से चलाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को डिजिटल पहचान दी जा सके.

पटना के मीठापुर कृषि भवन से होगी शुरुआत

इस अभियान की शुरुआत पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन सभागार से की जाएगी. यहां फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों के फार्मर आईडी बनाने का काम शुरू होगा. इसके बाद जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर बाकी किसानों का पंजीकरण किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि जो किसान अब तक फार्मर रजिस्ट्री से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें जल्द से जल्द इस व्यवस्था में शामिल किया जाए.

अब तक 47 लाख से ज्यादा किसानों की बन चुकी है फार्मर आईडी

कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में अब तक 47 लाख 85 हजार 878 किसानों का फार्मर आईडी तैयार किया जा चुका है. जनवरी और फरवरी में मिशन मोड में चलाए गए पहले अभियानों के दौरान लाखों किसानों का सफल पंजीकरण हुआ था.

पहले चरण में 10 लाख से ज्यादा, दूसरे चरण में 7 लाख से अधिक और तीसरे चरण में फिर 10 लाख से ज्यादा फार्मर आईडी बनाए गए थे. अब सरकार बाकी किसानों को भी इस डिजिटल सिस्टम से जोड़ने पर फोकस कर रही है.

फार्मर आईडी से किसानों को क्या मिलेगा फायदा

सरकार के अनुसार फार्मर आईडी किसानों के लिए डिजिटल पहचान पत्र की तरह काम करेगा. इसके जरिए पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि अनुदान जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेना ज्यादा आसान हो जाएगा. किसानों को बार-बार कागजात जमा करने की परेशानी कम होगी. साथ ही सरकारी सहायता और सब्सिडी सीधे बैंक खाते तक तेजी से पहुंच सकेगी.

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रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम की जमाबंदी की जानकारी देनी होगी. किसान खुद बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा क्यूआर कोड स्कैन करके, नजदीकी सीएससी सेंटर, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार की मदद से भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है.

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. किसान कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18001801551 और राजस्व विभाग के हेल्पलाइन नंबर 18003456215 पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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