Bihar Bhumi: उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने भागलपुर से खुले मंच पर स्वीकार किया कि उनका विभाग दलालों से भरा पड़ा है. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अब हालात ऐसे नहीं रहने वाले.
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा ने दो टूक कहा कि वे विभाग को दलालों के कब्जे से मुक्त कराने आए हैं और इसके लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे.इस दौरान अचानक विजय सिन्हा आम जन को विश्वास दिलाने के लिए गाना गाने लगे. विजय सिन्हा ने गुनगुनाते हुए कहा कि, छोड़ों कल की बातें, कल की बात पुरानी, नए दौर में लिखेंगे मिलकर नई कहानी.
भागलपुर से उठा सख्त संदेश
सोमवार को भागलपुर के टाउन हॉल में आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद के दौरान विजय सिन्हा सीधे जनता से रूबरू हुए. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ जमीन-राजस्व से जुड़ी शिकायतें सुनीं, मंच से उन्होंने स्वीकार किया कि राजस्व विभाग में बिचौलियों की संख्या बढ़ गई है और आम लोग इन्हीं दलालों के कारण परेशान हैं. यह स्वीकारोक्ति अपने आप में राजनीतिक हलकों में बड़ी मानी जा रही है.
विजय सिन्हा ने आम जन को शांत कराते हुए कहा है कि अब कल की बातों को छोड़ दीजिए. अब हमलोग मिलकर नए दौर में नई कहानी को लिखेंगे.
अधिकारियों को दो टूक चेतावनी
विजय सिन्हा ने अपने विभाग के अधिकारियों को भी साफ शब्दों में संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अब लापरवाही, मिलीभगत और भ्रष्ट आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को संरक्षण मिलेगा, लेकिन दलालों को बढ़ावा देने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी. उनके इस बयान से विभागीय महकमे में हलचल तेज हो गई है.
जनसंवाद से जमीन पर कार्रवाई
डिप्टी सीएम इन दिनों राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर भूमि से जुड़े विवादों का मौके पर समाधान कर रहे हैं. भागलपुर में भी यही मॉडल देखने को मिला. जनसंवाद के बाद समीक्षा भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने लंबित मामलों की समीक्षा की और समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए. विजय सिन्हा ने कहा कि आम लोगों की जमीन पर नजर रखने वालों को अब पीछे हटना होगा.
हेल्पलाइन और कानून से कसेगी नकेल
विजय सिन्हा ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में विभागीय हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो नए सख्त कानून भी लाए जाएंगे. उनका कहना है कि राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता लाना सरकार की प्राथमिकता है और दलालों के नेटवर्क को तोड़ना इसके लिए जरूरी कदम है.

