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बिहार में 20,000 सेविका-सहायिका की बंपर बहाली, अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

Updated at : 03 Mar 2026 11:46 AM (IST)
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Bihar News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में अप्रैल के बाद राज्य भर में 20 हजार से अधिक सेविका और सहायिका पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. समाज कल्याण विभाग, बिहार ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है. नए और पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिक्त पदों को भरने के लिए जिलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

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Bihar News: समाज कल्याण विभाग ने राज्य भर में 20 हजार से अधिक सेविका और सहायिका की चयन प्रक्रिया शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है.

विभाग ने न केवल पुराने केंद्रों की रिक्तियों को भरने की तैयारी की है, बल्कि 18 हजार नए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं. इस मेगा भर्ती अभियान से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा.

1.14 लाख केंद्र संचालित, 18 हजार नए प्रस्तावित

बिहार में फिलहाल 1 लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इसके अलावा 18 हजार नए केंद्रों की स्वीकृति के लिए पत्राचार किया गया है और 31 मार्च तक अनुमति मिलने की संभावना है. अनुमति मिलते ही पहले चरण में 9 हजार नए केंद्रों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

पुराने 2200 से अधिक केंद्रों पर भी सेविका-सहायिका के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होगी. कई केंद्रों पर लंबे समय से पद खाली पाए गए हैं, जिससे पोषण और प्राथमिक शिक्षा सेवाएं प्रभावित हो रही थीं.

विभाग ने 10 मार्च से नए केंद्रों के लिए स्थलों की पहचान का निर्देश दिया है. सभी सीडीपीओ को कहा गया है कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें जहां या तो आंगनबाड़ी केंद्र पास-पास संचालित हो रहे हैं या फिर ऐसे इलाके जहां केंद्र नहीं होने से बच्चों को पोषाहार और प्रारंभिक शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है.

31 मार्च तक पूरी होगी कागजी कार्रवाई

अनुमति मिलने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है और 31 मार्च तक मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है. मंजूरी मिलते ही पहले चरण में 9 हजार नए केंद्रों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके साथ ही, पुराने 2200 केंद्रों पर जहां पद खाली पड़े हैं, वहां भी नई नियुक्तियां की जाएंगी.

10 मार्च से सभी सीडीपीओ (CDPO) को नए स्थलों की पहचान करने का सख्त निर्देश दिया गया है. विभाग का लक्ष्य उन क्षेत्रों को कवर करना है जहां फिलहाल कोई केंद्र नहीं है और बच्चों को पोषाहार या प्राथमिक शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है.

10 मार्च से शुरू होने वाले इस सर्वे में उन मोहल्लों और टोलों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां आंगनबाड़ी सुविधाओं का अभाव है. जिलों से रिपोर्ट आने के बाद ही नए केंद्रों की स्थापना और वहां बहाली का खाका फाइनल होगा.

अप्रैल से चयन प्रक्रिया

समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, पहले से चल रहे केंद्रों में पाया गया है कि बड़ी संख्या में सेविका और सहायिका के पद रिक्त हैं. इन पदों को भरने के लिए 1 अप्रैल से जिलों में चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

जो महिलाएं स्थानीय स्तर पर काम करना चाहती हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है. भर्ती से जुड़ी विस्तृत योग्यता और चयन के मानदंडों की आधिकारिक घोषणा जल्द ही विभाग की वेबसाइट पर कर दी जाएगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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