जेल में बंदियों का चलेगा क्लास

Published at :19 May 2017 12:36 AM (IST)
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जेल में बंदियों का चलेगा क्लास

पहल . भाेजपुर से इस योजना की शुरुआत की गयी आरा : बंदियों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मंडल कारा आरा में अब पाठशाला लगेगी. जेल में बंदियों का क्लास चलेगा और कौशल विकास का पाठ पढ़ाया जायेगा. बंदियों को कौशल विकास के अंतर्गत कई तरह की शिक्षा दी जायेगी ताकि […]

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पहल . भाेजपुर से इस योजना की शुरुआत की गयी

आरा : बंदियों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए मंडल कारा आरा में अब पाठशाला लगेगी. जेल में बंदियों का क्लास चलेगा और कौशल विकास का पाठ पढ़ाया जायेगा. बंदियों को कौशल विकास के अंतर्गत कई तरह की शिक्षा दी जायेगी ताकि वे जेल से निकलने के बाद समाज की मुख्य धारा से जुड़ कर अपना जीवन यापन करने के लिए अपने पैरों पर खड़े हो सके. कौशल विकास के तहत बंदियों को रोजगारपरक कोर्स की जानकारी दी जायेगी. कंप्यूटर शिक्षा,
मैकेनिक सहित व्यवसायिक पाठयक्रम से बंदियों को जोड़ा जायेगा. सूबे में भोजपुर पहला जिला होगा जहां बंदियों को कौशल विकास का पाठ पढ़ाया जायेगा. राज्य सरकार द्वारा आरा मंडल कारा में कौशल विकास कोर्स से बंदियों को लैस करने के लिए पत्र निर्गत कर दिया गया है. इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गयी है.
बहुत जल्द इसे अमलीजामा पहना दिया जायेगा. आरा मंडल कारा में बंदियों को पढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है. तरह- तरह के कोर्स पढ़ाये जायेंगे. इस दौरान रुचि के हिसाब से बंदियों को व्यावसायिक पाठयक्रम भी पढ़ाया जायेगा.
कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा की दी जायेगी ट्रेनिंग : जेल में बंद बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा की ट्रेनिंग भी दी जायेगी. बंदियों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत विभिन्न रोजगारपरक कोर्स की जानकारी दी जायेगी. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद बंदी सजा काट कर जब बाहर निकलेंगे, तो उन्हें रोजगार की कमी नहीं खलेगी. सरकार द्वारा यह प्रयास जारी है. सामाजिक बदलाव को लेकर यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत बंदी लाभान्वित होंगे.
विशेष पदाधिकारी की होगी नियुक्ति : जेल प्रशासन ने बंदियों को मोटिवेट करने के लिए विशेष पदाधिकारी की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो बंदियों की काउंसेलिंग करने के बाद प्रशिक्षण लेने को लेकर मोटिवेट करेंगे. जेल में हर तरह के बंदी बंद है.
जैसे कुछ अपराधी छवि के लोग हैं, तो कुछ अपराध की दुनिया से बाहर निकलना चाहते हैं. इसी को लेकर उन्हें उत्साहित और प्रोत्साहित किया जायेगा.
बंदियों को बेहतर जीवन प्रदान करना सरकार की प्रमुखता
बाल बंदियों के लिए होगी विशेष व्यवस्था
18 वर्ष से कम उम्रवाले पर्यवेक्षण गृह में बंद किशोरों को प्रशिक्षण देने के लिए जेल में अलग व्यवस्था की गयी है. इसको लेकर एनजीओ संस्था की भी सलाह ली जा रही है.
इनके द्वारा बाल बंदियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही अपराध से दूर रहने का सुझाव एवं सलाह भी दिये जायेंगे. कम उम्रवाले बच्चों को अन्य बंदियों से दूर रखा जायेगा. बाल बंदियों के लिए कंप्यूटर ज्ञान के साथ- साथ सामाजिक ज्ञान भी दिया जायेगा. इससे आगे चल कर उनके जीवन में बदलाव आ सके.
क्या कहते हैं अधिकारी
कौशल विकास के तहत बंदियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है. बहुत जल्द इसकी शुरुआत की जायेगी. इस संबंध में उन्होंने बताया कि जेल के अंदर कंप्यूटर लगा दिया गया है. उन्होंने बताया कि लगभग 10 दिनों के अंदर शुरुआत कर दी जायेगी.
निरंजन पंडित, जेल अधीक्षक
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