सदर अस्पताल में मची रही अफरातफरी , सीएस व डीएस ने साधी चुप्पी

Published at :11 May 2017 5:01 AM (IST)
विज्ञापन
सदर अस्पताल में मची रही अफरातफरी  , सीएस व डीएस ने साधी चुप्पी

आरा : सदर अस्पताल इन दिनों खासे चर्चा में है. कभी ठेकेदार की तो कभी डॉक्टर की पिटाई के मामले में सदर अस्पताल चर्चा में है. दो दिन पहले सीएस कार्यालय में बिल भुगतान को लेकर पैसा मांगने आये एक ठेकेदार रास बिहारी शर्मा को सदर अस्पताल के कर्मचारियों ने जम कर पिटाई की. अभी […]

विज्ञापन

आरा : सदर अस्पताल इन दिनों खासे चर्चा में है. कभी ठेकेदार की तो कभी डॉक्टर की पिटाई के मामले में सदर अस्पताल चर्चा में है. दो दिन पहले सीएस कार्यालय में बिल भुगतान को लेकर पैसा मांगने आये एक ठेकेदार रास बिहारी शर्मा को सदर अस्पताल के कर्मचारियों ने जम कर पिटाई की. अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि बुधवार को दिनदहाड़े खुलेआम एक डॉक्टर को सदर अस्पताल के कर्मचारी ने जम कर पिटाई कर दी. एक घंटे तक सदर अस्पताल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था.

इस घटना के बाद सीएस और डीएस दोनों कार्यालय छोड़कर फरार हो गये. द्वय पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर चुप्पी साधी हुई है. सूत्रों के अनुसार एसएन शर्मा कुख्यात बम ब्लास्ट का आरोपित लंबु शर्मा का अनुज है. हालांकि इस घटना में डॉक्टर के लोगों के द्वारा भी कर्मचारी की पिटाई किये जाने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि सदर अस्पताल के पदस्थापित कुछ कर्मचारी अस्पताल के वरीय पदाधिकारी के खासमखास लोग है, जो सदर अस्पताल के नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं.
आलम यह है कि सदर अस्पताल में सुविधा के नाम पर लूट-खसोट मचा हुआ है. कोई भी कर्मचारी अस्पताल प्रशासन के अधीन में काम नहीं कर रहा है. इसको लेकर आये दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. इस घटना में घायल चिकित्सक आकाश कुमार के बड़े भाई डॉ मणी भूषण प्रसाद यादव सदर अस्पताल में आंख विभाग में पदस्थापित हैं. घटना की जानकारी मिलते ही वे भी आ गये. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में घटना को अंजाम देनेवाला कर्मचारी अवैध रूप से काम कर रहा है. इसको यहां के बड़े पदाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है, जिसको लेकर वह गुंडई करता है.
सीएस और डीएस दोनों मामले में बोलने से कर रहे हैं परहेज
बीते वर्ष इसने दी थी आत्मदाह की धमकी
सदर अस्पताल में दो वर्ष से अनुबंध पर काम कर रहा कर्मचारी श्यामनंदन शर्मा बीते वर्ष रोगी कल्याण समिति में कुछ दिनों के लिए काम किया था. काम करने के छह माह बाद उसने तत्कालीन उपाधीक्षक जेके सिन्हा से वेतन भुगतान को लेकर आत्मदाह की धमकी दी थी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक सकते में आ गया था. बाद में जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था. हालांकि उस समय भी अस्पताल प्रशासन द्वारा भुगतान करने के बाद भी मामला शांत हुआ था.
बावजूद इसके सदर अस्पताल प्रशासन उस कर्मचारी को आरा सदर अस्पताल में रखे हुए है. उक्त कर्मचारी सिविल कोर्ट बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड लंबू शर्मा का छोटा भाई है. यह जानते हुए भी अस्पताल प्रशासन चुप्पी साधे हुए है.
कभी सीएस तो कभी डीएस हो रहे हैं शिकार
बुधवार को हुई सदर अस्पताल की घटना ने अस्पताल प्रशासन की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं. इस घटना को लेकर कभी सीएस तो कभी डीएस को कोपभाजन बनना पड़ रहा है. घटना के बाद सदर अस्पताल में जुटी भीड़ के बीच में इस बात की चर्चा होती रही की सदर अस्पताल की स्थिति बद से बदतर हो गयी.
खुलेआम डॉक्टर व कर्मचारी आपस में मारपीट करते दिख रहे है और लोग मूकदर्शक बन कर देख रहे है. बतादे कि स्थिति तो तब भयावह हो गयी जब डीएस कार्यालय के समीप ऑफिस में घुस कर दोनों ने टेबुल पर रखे शीशे फोड़ डाले.
फूटे हुए शीशे से डॉक्टर और कर्मचारी दोनों जख्मी हो गये. इस घटना को लेकर काफी देर तक अफरातफरी मची रही.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन