बालश्रम कराना कानूनन अपराध

Published at :01 May 2017 1:24 AM (IST)
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बालश्रम कराना कानूनन अपराध

आरा : बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर बीके इंस्टीट्यूट में ‘बालश्रम निषेध : एक सामाजिक दायित्व’ पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर श्रम अधीक्षक जगतानंद दुबे, बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल, पंकज खेतान, अजय कुमार, लालमोहर राय, शशिभूषण मिश्र व वेंकटेश राय ने संयुक्त रूप […]

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आरा : बालश्रम निषेध दिवस के अवसर पर बीके इंस्टीट्यूट में ‘बालश्रम निषेध : एक सामाजिक दायित्व’ पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर श्रम अधीक्षक जगतानंद दुबे, बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विद्यानंद विकल, पंकज खेतान, अजय कुमार, लालमोहर राय, शशिभूषण मिश्र व वेंकटेश राय ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर श्री विकल ने कहा कि बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

इनके पुनर्वास के लिए बिहार सरकार द्वारा प्रति बच्चा 25 हजार रुपये दिया जा रहा है. श्रम अधीक्षक ने कहा कि श्रम कानून के अनुसार बच्चों के अभिभावक पढ़ाई के समय अपने ही प्रतिष्ठान में काम कराते हैं, तो यह अपराध है. इसके लिए उन्हें दंडित किया जायेगा. वहीं लालमोहर राय तथा वेंकटेश राय ने कहा कि कानून होते हुए भी बालश्रम समाप्त नहीं हो पा रहा है.

इस अवसर पर कंचनबाला गोस्वामी, शिवजी उपाध्याय, शिवाजी चौधरी, गणेश कुमार, मंकेश्वर पांडेय, अमरेंद्र सिंह, प्रफल्ल कुमार, सुमित्रा कुमारी, मीना कुमार आदि उपस्थित थे. संचालन शालिनी कुमारी व धन्यवाद ज्ञापन हृदयानंद राय ने किया.

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