झारखंड में गैस उपभोक्ताओं के लिए नए नियम: 1 मई से OTP अनिवार्य और 5 किलो वाले सिलेंडर पर बढ़ी सख्ती
झारखंड में गैस उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू, Pic Credit- AI
Jharkhand New LPG Rules: गैस कंपनियों ने रसोई गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. अब 14.2 किलो का घरेलू गैस कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को 5 किलो का सिलेंडर (FTL) नहीं मिल सकेगा. साथ ही, 1 मई से गैस डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी ओटीपी को अनिवार्य कर दिया गया है.
Jharkhand New LPG Rules, रांची (राजेश कुमार की रिपोर्ट): गैस कंपनियों ने एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. इसके तहत अब घरेलू गैस सिलेंडर के साथ 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर लेने के नियमों को सख्त कर दिया गया है, वहीं डिलीवरी के समय ओटीपी की अनिवार्यता को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.
5 किलो सिलेंडर के लिए होगी पते की सघन जांच
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से 14.2 किलो का घरेलू गैस कनेक्शन है, उन्हें अब 5 किलो का छोटा सिलेंडर नहीं मिल सकेगा. पहले केवल आवासीय प्रमाण पत्र देकर कोई भी व्यक्ति यह सिलेंडर ले सकता था, लेकिन अब आवेदन के बाद विस्तृत जांच की जाएगी. जांच में कोई अन्य कनेक्शन नहीं पाए जाने पर ही 5 किलो का सिलेंडर आवंटित होगा. इसमें प्रवासी मजदूरों और छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही, अब आधार कार्ड में दर्ज पते की जांच होगी और एक ही पते पर एक से अधिक कनेक्शन के आवेदन पर रोक रहेगी, भले ही परिवार का दूसरा सदस्य आवेदन क्यों न करें. इसके अलावा, छोटे सिलेंडर की बुकिंग के लिए भी नियमित अंतराल की समय-सीमा तय की जा सकती है.
1 मई से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) अनिवार्य
गैस की कालाबाजारी रोकने और सही उपभोक्ता तक सिलेंडर पहुंचाने के लिए 1 मई से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) यानी ओटीपी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है. अब हर डिलीवरी पर उपभोक्ताओं को वेंडर को डीएसी देना होगा, जिसके बिना गैस प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है. रांची में फिलहाल 90 प्रतिशत डिलीवरी डीएसी के माध्यम से हो रही है. कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि बिना कोड के सिलेंडर बांटने वाली एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
कोड न मिलने पर घबराएं नहीं
यदि किसी उपभोक्ता को समय पर ओटीपी नहीं मिलता है या वह गलती से डिलीट हो जाता है, तो वेंडर के माध्यम से मौके पर ही दोबारा कोड भेजने का आग्रह किया जा सकता है. इसके अलावा गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप, व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए भी कोड दोबारा प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










