कचरा उठाने के लिए मांग रहे पैसे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 Feb 2017 2:08 AM (IST)
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मनमानी. शहर की सफाई कराने का काम एनजीओ के जिम्मे डालयिमानगर एस ब्लॉक में सड़क किनारे जमा है कचरा डेहरी कार्यालय : नगर पर्षद क्षेत्र अंतर्गत डालमियानगर वार्ड संख्या- छह में क्वार्टरों के बीच वर्षों से जमा कचरे को व्यक्तिगत अभिरुचि दिखाते हुए अपना पैसा खर्च कर निकाले गये कचरे को वहां से उठाने के […]
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मनमानी. शहर की सफाई कराने का काम एनजीओ के जिम्मे
डालयिमानगर एस ब्लॉक में सड़क किनारे जमा है कचरा
डेहरी कार्यालय : नगर पर्षद क्षेत्र अंतर्गत डालमियानगर वार्ड संख्या- छह में क्वार्टरों के बीच वर्षों से जमा कचरे को व्यक्तिगत अभिरुचि दिखाते हुए अपना पैसा खर्च कर निकाले गये कचरे को वहां से उठाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं व कॉलोनी के निवासियों को नगर पर्षद कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
लोगों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था का कमान संभाले एनजीओ के कर्मचारी उक्त कचरे काे वहां से उठाने के लिए अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं. इसकी शिकायत पत्र समाजसेवी व वार्ड संख्या-छह के निवासी अनिल कुमार सिंह ने नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी को दे कर जमा कूूड़े का उठाव कराने की गुहार लगायी है.
गाैरतलब है कि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नगर पर्षद द्वारा पहले महिला निकेतन नामक एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. पूरे शहर की डोर-टू-डोर सफाई के लिए उक्त एनजीओ को करीब 14 लाख रुपये प्रतिमाह दिया जाता था. एनजीओ के कर्मचारी सीटी बजा कर हर दरवाजा पर कूड़े का उठाव करते थे. लेकिन, इसके बावजूद शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर लगे गंदगी को देखते हुए नप प्रशासन द्वारा उक्त एनजीओ को कार्य मुक्त कर एक नये एनजीओ कृषि एजुकेशन एंड हेल्थ सेवा संस्थान को 18 लाख 45 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से राशि तय कर शहर सफाई की कमान सौंपी गयी. अक्तूबर से सफाई की कमान संभाले उक्त एनजीओ के कर्मियों की सीटी की आवाज सुनने के लिए आजतक शहर के निवासियों की कान तरस गयी है. लोगों का कहना है कि अब तक शहर की सफाई व्यवस्था इतनी कभी नहीं चरमराई थी जितनी आज है.
सामाजिक कार्यकर्ता ने नगर पर्षद के इओ से की शिकायत
बोले लोग
डालयिमानगर के विनय कुमार मिश्र कहते हैं कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए लगे हर उस समाजसेवी की सराहना किया जाना चाहिए. जो अपने पैसा खर्च कर कूड़ा उठाव या नाली की सफाई करा रहा है. सुनील कुमार सिंह कहते हैं कि जो एनजीओ कर्मचारी उक्त कूड़े के उठाव के लिए पैसा मांग रहा है उसको चिह्नित कर कार्रवाई की जानी चाहिए. मनोज कुमार कहते हैं कि आज तक सफाई कर्मियों द्वारा बजायी जाने वाली सीटी की आवाज सुनने के लिए हमारे कान तरस गये है. डोर टू डोर योजना में फेल हो चुकी है. ओम प्रकाश कहते हैं कि पूर्व के एनजीओ से लाखों रुपये अधिक दे कर नये एनजीओ से अच्छा सफाई व्यवस्था की उम्मीद लगाये शहर के निवासियों के साथ छलकरने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
बोले अधिकारी
नप के कार्यपालक पदाधिकारी जमाल अख्तर अंसारी कहते हैं कि कूड़े का उठाव कर उसे डंपिंग स्थल पर डंप करने की जिम्मेदारी एनजीओ की है. ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जायेगी.
आभार व्यक्त करने की जगह मांग रहे पैसे
डालयिमानगर वार्ड छह में सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार द्वारा अपने पैसा से वार्ड की सफाई करा कर कूड़े को इक्ट्ठा किये जाने के बाद उसे फेंकने की एनजीओ जिम्मेदारी निभाने व उक्त व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त करने की जगह पैसे की मांग किया जाने की खबर से लाेगों में आक्रोश है. हालांकि, एनजीओ के अधिकारी पैसे मांगने की बात से इनकार करते हैं. लेकिन, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल कुमार, धर्मेंद्र सिंह आदि द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है.
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