सुबह में चूड़ा- दही, तो रात में खिचड़ी का लोगों ने उठाया लुत्फ

Published at :15 Jan 2017 12:11 AM (IST)
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सुबह में चूड़ा- दही, तो रात में खिचड़ी का लोगों ने उठाया लुत्फ

पूरे दिन जिले भर में मकर संक्रांति की मची रही धूम आरा/पीरो/जगदीशपुर : मकर संक्रांति का त्योहार जिले भर में धूमधाम से मनाया गया. हजारों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने लगे थे. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का उत्सव मकर संक्रांति जिले भर में पारंपरिक […]

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पूरे दिन जिले भर में मकर संक्रांति की मची रही धूम

आरा/पीरो/जगदीशपुर : मकर संक्रांति का त्योहार जिले भर में धूमधाम से मनाया गया. हजारों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने लगे थे. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का उत्सव मकर संक्रांति जिले भर में पारंपरिक रूप से मनाया गया. गंगा में डुबकी लगाने के साथ लोगों ने दिन की शुरुआत की तो पूजा- पाठ और दान-पुण्य का दौर चलता रहा. सुबह में चूड़ा – दही, तो रात में खिचड़ी का लोगों ने लुत्फ उठाया.
पूरे दिन मकर संक्रांति की धूम रही. जगह- जगह मेले का आयोजन भी किया गया था. मकर संक्रांति को लेकर लोगों ने मंदिरों में भी माथा टेका. मंदिरों में शाम के समय भी लोगों की काफी भीड़ जुटी हुई थी. पीरो, चरपोखरी व तरारी प्रखंडों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र जलाशयों में स्नान कर विधि विधान के अनुसार पूजा-अर्चना की. इस दौरान परंपरानुसार लोगों ने ब्राह्मणों, गरीबों एवं असहायों को यथाशक्ति दान दिया. इस मौके पर लोगों ने चूड़ा, दही, तिलकुट व तिल से बनी दूसरी खाद्य सामग्रियों का जम कर आनंद उठाया. इधर विभिन्न सामाजिक संगठनों के द्वारा जगह दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया. सामाजिक संस्था कुबेर शिक्षा व समाज कल्याण समिति की ओर से समाजसेवी मनोज कुमार उपाध्याय के पीरो स्थित आवास पर गरीब
परिवार के लोगों को चूड़ा-दही खिलाया गया. इस मौके पर अनुमंडल के बचरी, तरारी, चरपोखरी, खेलडिया, बगुसरा सहित अन्य स्थानों पर आयोजित मकर संक्रांति मेले लोगों की भारी भीड़ जुटी थी.
इन गंगा घाटों पर स्नान के लिए लगी रही भीड़ : मौजमपुर, सिन्हा, विंदगांवा संगम घाट, बखोरापुर, नेकनाम टोला, महुली, बबुरा व एकौना .
सूर्य उपासना का विशेष पर्व है मकर संक्रांति
इस साल मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बज कर 38 मिनट से शुरू हुआ और शाम 6 बज कर 18 मिनट रहा. हिंदू मान्यता के अनुसार, साल की 12 संक्रांतियों में मकर संक्रांति का सबसे महत्व ज्यादा है. बताया जाता है कि इस दिन सूर्य मकर राशि में आते हैं और इसके साथ देवताओं का दिन शुरू हो जाता है, जो देवशयनी एकादशी से सुप्त हो जाते हैं.
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