मौसम बदलते ही मरीजों की संख्या बढ़ी

Published at :14 Nov 2016 3:55 AM (IST)
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मौसम बदलते ही मरीजों की संख्या बढ़ी

बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम के साथ कोल्ड डायरिया के मरीज आ रहे ज्यादा आरा : जिले में ठंड और मौसम के बदलते मिजाज से अस्पतालों में सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. अस्पतालों में सुबह से देर रात तक मरीजों की भीड़ लगी रह रही है. मौसम के बदलते मिजाज से दिनचर्या भी प्रभावित […]

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बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम के साथ कोल्ड डायरिया के मरीज आ रहे ज्यादा

आरा : जिले में ठंड और मौसम के बदलते मिजाज से अस्पतालों में सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. अस्पतालों में सुबह से देर रात तक मरीजों की भीड़ लगी रह रही है. मौसम के बदलते मिजाज से दिनचर्या भी प्रभावित हो रहा है. दिन जहां गर्म हो रहा है, वहीं रात और सुबह में ठंड लग रही है. ऐसे में लोगों को और बच कर रहना होगा. पारा में भी प्रतिदिन गिरावट दर्ज की जा रही है. इसके चलते मौसमी बीमारियों से पीड़ितों लोगों की संख्या बढ़ने लगी है.
खासकर इस मौसम बच्चों और वृद्ध लोगों को ज्यादा तकलीफ हो रही है. इस मौसम में सबसे ज्यादा मरीज बुखार, सर्दी-खांसी, जुकाम के साथ कोल्ड डायरिया के हैं. डॉक्टरों द्वारा मरीजों का इलाज तो किया ही जा रहा है, साथ ही सर्दी और मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचने की सलाह भी दी जा रही है, वहीं जिले के सरकारी अस्पतालों का हाल बेहद खस्ता है.
सरकारी अस्पतालों का हाल बदतर
एक तरफ तो सरकार मरीजों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करती हैं. जबकि दूसरी तरफ इन अस्पतालों में बदहाली का आलम है. डाॅक्टरों और स्टाफ की कमी है, तो कहीं सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है. मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जहां केवल लूट मची हुई है. निजी अस्पतालों में मरीजों की जेबें ढीली हो रहीं है.
इन बातों का रखे विशेष ख्याल
कुछ बातों को ध्यान में रखकर छोटी-छोटी बीमारियों से बचा जा सकता है. बच्चों को सुबह होते ही बेड से उठ कर सीधे बाहर न जाने दें. ताजा बना भोजन ही करें. इसके अलावा सर्दी के मौसम में पानी कम मात्रा में लोग पीते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है. कोल्ड डायरिया के भी शिकार हो सकते हैं. इसलिए सर्दी में साफ पानी जितना हो सके उतना पीये.
सुबह और रात के पहनावे पर ध्यान रखें
मौसमी बीमारियों से आप बच सकते हैं, जिसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है. उन्होंने बताया कि दिन में तो मौसम गर्म होता है लेकिन सुबह और रात के पहनावे पर ध्यान रखना चाहिए.
दिन में लोग घर से कम कपड़े पहन कर निकलते हैं और शाम को घर पहुंचते-पहुंचते मौसम ठंडा हो जाता है. इसके साथ ही ठंडी चीजों से परहेज करें, बीपी और हार्ट अटैक के मरीजों को और सावधान रहने की जरूरत है. बाहर निकलने के पहले शरीर को गर्म कपड़ों से पूरी तरह ढक कर निकलें.
चिकित्सक टीपी सिंह
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