Bhagalpur News: गोशाला की जमीन की हो रही घेराबंदी को ग्रामीणों ने रोका

Published by : SANJIV KUMAR Updated At : 24 Apr 2025 1:09 AM

विज्ञापन

प्रखंड के निस्फ अंबे पंचायत में प्रशासन के आदेश पर टीकोरी गोशाला की जमीन की घेराबंदी चल रही थी. बुधवार को ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया और काम रोक दिया.

विज्ञापन

– ग्रामीणों ने गिरधारी केजरीवाल पर लोगों की जमीन पर ट्रांसपोर्ट बनाने का लगाया आरोप- लोगों ने जमीन को बताया अपने पूर्वजों को अमानत

– गोशाला की 250 बीघा जमीन की हो रही थी घेराबंदी

प्रतिनिधि, नाथनगर

प्रखंड के निस्फ अंबे पंचायत में प्रशासन के आदेश पर टीकोरी गोशाला की जमीन की घेराबंदी चल रही थी. बुधवार को ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया और काम रोक दिया. ऐसे में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच ठन गयी है. लोगों ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर गोशाला की जमीन की घेराबंदी की जा रही थी लेकिन दर्जनों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने उक्त जमीन को अपने पूर्वजों का बताते हुए काम बंद करवा दिया. बता दें कि यह गोशाला मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुर गांव में है. स्थानीय लोगों का कहना था कि यह जमीन किसानों की थी जो गोशाला ने ले ली. दावा किया कि इस जमीन पर वे लोग सौ साल से अधिक समय से खेतीबाड़ी करते आ रहे हैं. अचानक उस जमीन कि घेराबंदी शुरू कर दी गयी है. लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रशासनिक अधिकारियों कि भूमिका इसमें संदिग्ध है जो कारोबारी से मिलकर घेराबंदी में सहयोग कर रहे हैं.

डीसीएलआर ने कागजी तौर पर दिया था रैयती अधिकार, कागज लेकर थाना बुलाया

उक्त गोशाला की करीब 250 बीघा जमीन सरदारपुर, हबीबपुर, निप्स अंबे क्षेत्र में है. जिस पर पहले से खेती व गोपालन होता आ रहा है. इस जमीन पर गोपालन कर रहे ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में 1997-98 में डीसीएलआर की लिखित डिग्री रैयत को दी गयी है. लोगों ने ये भी बताया कि गिरधारी केजरीवाल और सत्यनारायण पोद्दार ने किसान से कुछ जमीन गो पालन के लिए ली थी, जिसमें ट्रांसपोर्ट बना दिया. फिर से ट्रांसपोर्ट बनाने के लिए घेराबंदी की जा रही है. ग्रामीण अशोक गोस्वामी सहित अन्य ने बताया कि गोशाला की यह जमीन 1961 में ही बिहार सरकार ने ले ली. हमलोग इस जमीन पर बाप, दादा, परदादा के समय से इस जमीन को जोत-आबाद कर रहे हैं. सरकार ने अड़चन डाला, तो जमीन के केस को बीटी एक्ट के मुताबिक डीसीएलआर के यहां दायर किया. डीसीएलआर ने 1997, 98 में हमलोगों को डिग्री दे दी. तब से दादा-परदादा के टाइम से रैयत है और सदा के लिए रैयत रहेगा. गो पालन के नाम पर यहां गोदाम (ट्रांसपोर्ट) बना दिया गया है.

कागज नहीं दिखा रहे गोदाम बनाने वाले

लोगों ने कहा कि गोदाम बनाने वाले को उक्त गोशाला की जमीन उन्हें कैसे मिली इसका कागज नहीं दिखा रहे. जबरन करीब 7 से 8 एकड़ में घेराबंदी की जा रही है. हालांकि पुलिस ने लोगों को समझा-बुझा कर शांत किया और कागजात लेकर हबीबपुर थाना पर बुलाया गया है. मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष सफदर अली ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा घेराबंदी रोक दी गयी है. ग्रामीणों को जमीन से संबंधित कागजात लेकर मंगलवार को हबीबपुर थाने पर बुलाया गया है. कागजात का अवलोकन संबंधित अधिकारी करेंगे फिर आगे कि कार्रवाई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANJIV KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJIV KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन